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क्या आप टैक्स बचाने के लिए देते हैं मकान किराए की फर्जी रसीद, तो हो जाएं सावधान

 Written By: India TV News Desk
 Published : Apr 06, 2017 12:56 pm IST,  Updated : Apr 06, 2017 12:56 pm IST

क्या आप फर्जी हाउस रेंट स्लिप दिखाकर टैक्स बचाते हैं? यदि हां तो आपके लिए बुरी खबर है। अक्सर आप परिवार या रिश्तेदारों के जरिए फर्जी रेंट स्लिप दिखाकर एचआरए क्लेम कर लेते थे पर अब से ऐसा नहीं हो पाएगा

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नई दिल्ली: क्या आप फर्जी हाउस रेंट स्लिप दिखाकर टैक्स बचाते हैं? यदि हां तो आपके लिए बुरी खबर है। अक्सर आप परिवार या रिश्तेदारों के जरिए फर्जी रेंट स्लिप दिखाकर एचआरए क्लेम कर लेते थे पर अब से ऐसा नहीं हो पाएगा क्योंकि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट टैक्सपेयर से संबंधित प्रॉपर्टी के वैध किराएदार का सबूत मांग सकता है। यानी अब आयकर विभाग, आपने जहां की रेंट स्लिप दी है वहां आप वास्तव में किराए पर रहते हैं, इसका ठोस सबूत मांग सकता है।

आयकर अपीलेट ट्रिब्यूनल ने हाल ही में इसके बारे में एक नियम जारी किया है। इसके मुताबिक, असेसिंग ऑफिसर सैलरी पाने वाले कर्मचारी का क्लेम देखेगा और अगर जरूरी हुआ, तो वो इसका सबूत मांग सकता है।

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इसमें किराए का एग्रीमेंट, हाउसिंग सोसाइटी का पत्र, बिजली या पानी का बिल हो सकता है। अभी तक 1 लाख से ऊपर किराया देने पर मकान मालिक का पैन नंबर रसीद में देना होता है। हाल ही में ट्रिब्यूनल मुंबई में ऐसे ही एक केस का पता चला, जिसमें एक कर्मचारी ने अपनी मां को किराया देना दिखाया था। सबूतों के अभाव में इसे सही नहीं माना गया।

एचआरए (हाउस रेंट अलाउंस) छूट के क्या हैं नियम?

दरअसल कोई भी सैलरी क्लास कर्मचारी रेंट रसीद देकर रेंट हाउस अलाउंस का 60 फीसदी तक टैक्स बचा सकता है। विस्तार में समझें तो आईटी एक्ट के सेक्शन 10(13ए) के तहत नौकरीपेशा लोग मकान किराए पर किराया भत्ते (एचआरए) या बेसिक सैलरी के 50 फीसदी (मेट्रो सिटी) या 40 फीसदी (दूसरे शहर) या फिर दिए गए किराए में बेसिक सैलरी का 10 फीसदी कम, इनमें जो भी सबसे कम हो, तक की छूट पा सकते हैं। अभी टैक्स बचाने के लिए केवल किराए की रसीद जमा करनी होती है। 1 लाख सालाना से ज्यादा अगर किराया हो तो मकान मालिक का पैन नंबर देना होता है।

ऐसे उठाते हैं फायदा

अब तक वेतनभोगी कर्मचारी, जिन्हें एचआरए मिलता है, वे किराए की रसीद देकर इससे 60 फीसद हिस्से पर टैक्स नहीं भरते। इस नियम से कई कर्मचारियों को दिक्कत हो सकती है। इस नियम के मुताबिक, अगर आप अपने माता-पिता के घर में रहने के लिए किराया देते हैं, तब भी आप एचआरए छूट का दावा कर सकते हैं। हालांकि, इसके लिए वह मकान आपके परिजनों के नाम पर ही होनी चाहिए और उन्हें इससे मिलने वाले किराए को अपनी आय में दिखाना होगा।

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