
शहीद मेजर देसवाल को आखिरी सलाम
झज्जर के सुरेहती गांव में जब मेजर अमित देसवाल का पार्थिव शरीर पहुंचा तो आस पास जैसे मेला उमड़ पड़ा। हर कोई हरियाणा के इस जांबाज की एक झलक हासिल कर लेना चाहता था। मेजर अमित देसवाल मणिपुर में उग्रवादियों के खिलाफ चल रहे ऑपरेशन हिफाजत-2 का हिस्सा थे। इसी साल जनवरी में उन्हें हिफाजत-2 में अहम जिम्मेदारी सौंपी गई थी। बुधवार सुबह उग्रवादियों का बहादुरी से मुकाबला करते हुए उन्होंने एक उग्रवादी को मार गिराया था लेकिन उसके बाद हुई गोलीबारी में उनके पेट में दो गोलियां लग गई।
शहीद मेजर अमित देसवाल का पार्थिव शरीर शुक्रवार को मणिपुर से दिल्ली पहुंचा तो दिल्ली में खुद आर्मी चीफ दलबीर सिंह सुहाग मेजर देसवाल को श्रद्धांजलि देने के लिए आए। इसके बाद चॉपर से उनका पार्थिव शरीर झज्जर में उनके पैतृक निवास पर ले जाया गया तो वहां भी इस बहादुर जवान को सलामी देने के लिए दूर-दूर से लोग आए। हर किसी को इस बात का फख्र था कि उनकी मिट्टी में जन्मे एक बहादुर बेटे देश के लिए अपनी जान न्यौछावर कर दी भले ही मेजर अमित देसवाल का शरीर पंचतत्व में विलीन हो गया लेकिन उनकी बहादुरी के किस्से लोगों के दिमाग में हमेशा रहेंगे।