नई दिल्ली: अयोध्या भूमि विवाद मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की आज भी सुनवाई जारी है। सुनवाई के दौरान वकील अपनी-अपनी दलीलें जजों की बेंच के सामने रख रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली 5 सदस्यीय संविधान पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सितंबर, 2010 के अपने फैसले में अयोध्या में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद में 2.77 एकड़ की विवादित भूमि को ‘राम लला’, निर्मोही अखाड़ा और सुन्नी वक्फ बोर्ड के बीच बराबर-बराबर बांटने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद में इलाहाबाद हाई कोर्ट के इसी फैसले के खिलाफ दायर 14 अपीलों पर सुनवाई कर रही है। आइए, जानते हैं इस सुनवाई से जुड़े पल-पल के अपडेट्स के बारे में:
- Hindi News
- भारत
- राष्ट्रीय
- अयोध्या सुनवाई LIVE: जानें, मामले से जुड़े पल-पल के अपडेट्स के बारे में
अयोध्या सुनवाई LIVE: जानें, मामले से जुड़े पल-पल के अपडेट्स के बारे में
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली 5 सदस्यीय संविधान पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। आइए, जानते हैं इस केस से जुड़े लाइव अपडेट्स...
Ayodhya Case Supreme Court Hearing Updates
-
1:19 PM (IST) Aug 30, 2019
हरिशंकर जैन ने कहा, बाबर एक आक्रमणकारी था और एक आक्रमणकारी के अधिकारों को संस्थागत नहीं किया जा सकता। हम गुलामी के काले दिनों से बाहर निकले हैं। हम एक सभ्य समाज में रहते हैं।
-
1:15 PM (IST) Aug 30, 2019
हिन्दू महासभा की तरफ से हरिशंकर जैन ने अपनी दलीलें शुरू कीं।
हरिशंकर जैन ने कहा, आगर हम ये साबित कर दें कि विवादित जमीन पर एक हिंदू मन्दिर था तो क्या संविधान के अंतर्गत हिंदुओं को उनका अधिकार मिलेगा? 1855 से पहले न तो कोई ओरल या डॉक्युमेंट्री सबूत था कि विवादित ढांचा एक मस्जिद थी। ब्रिटिशों ने मुसलमानों से विवादित ढांचे में नमाज अदा करने को कहा था। ब्रिटिश समय के दौरान हिंदुओं के प्रार्थना के अधिकार का हनन किया गया। संविधान बनने के बाद 1949 में हिंदुओं को विवादित जमीन पर पूजा करने का अधिकार वापिस मिला था।
किसी हिंदू देवता को नष्ट करके बनाई गई मस्जिद को मस्जिद नहीं माना जा सकता। -
1:14 PM (IST) Aug 30, 2019
पीएन मिश्रा ने कहा, 1856 से पहले वहां कोई नमाज़ नहीं होती थी और 1934 से पहले वहां सिर्फ शुक्रवार को नमाज़ होती थी। वह नमाज पुलिस के पहरे में होती थी, यह पुलिस के रिकॉर्ड में दर्ज है। इसके साथ ही पीएन मिश्रा ने अपनी दलीलें पूरी की।
-
1:13 PM (IST) Aug 30, 2019
पीएन मिश्रा ने कहा, एडवर्स पजेशन की अवधारणा मुस्लिम कानून में नहीं है, खासकर मस्जिदों के मामले में तो बिल्कुल ही नहीं। इसमें मालिकाना हक होना चाहिए और कब्जा पूर्ण होना चाहिए। इस्लाम में किसी मन्दिर के ऊपर मस्जिद बनाना पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है।
-
1:12 PM (IST) Aug 30, 2019
पीएन मिश्रा ने एक श्लोक पढ़ते हुए कहा, 'भए प्रकट कृपाला'। प्रकट होने का मतलब है कि भगवान राम सूक्ष्म रूप से तो वहां सनातन समय से रहे हैं, बस रामनवमी की दोपहर भगवान राम प्रकट हुए।
-
1:11 PM (IST) Aug 30, 2019
पीएन मिश्रा: जमीन कभी मुसलमानों के कब्जे में नहीं रही। वह हमारे कब्जे में थी। मुसलमान शासक होने की वजह से जबरन वहां नमाज अदा करते थे। 1856 से पहले वहां कोई नमाज नहीं होती था। जन्म की बात है तो भगवान विष्णु के सातवें अवतार भगवान राम तो उसी स्थान पर पहले प्रकट हुए थे।
-
1:10 PM (IST) Aug 30, 2019
जस्टिस बोबड़े: क्या विवादित स्थल से कोई घंटी मिली थी?
PN मिश्रा: हां, वहां से घंटी मिलने के सबूत हैं और मौखिक सबूत भी हैं। पैगंबर मोहम्मद ने कहा था कि कब्र की तरह चेरा करके नमाज नहीं पढ़ी जा सकती, लेकिन बाबरी के आस-पास कई कब्रें थीं। शाहजहां से एक इस्लामिक इस्कोलर अब्दुल हकीम ने कहा था कि मस्जिद अगर मंदिर को गिरा कर बनाई जाती है तो वह मस्जिद नहीं होती है।
-
1:07 PM (IST) Aug 30, 2019
जस्टिस चंद्रचूड़: मस्जिद कैसी होनी चाहिए, मस्जिद में नमाज पढ़ने का क्या तरीका है इसके बारे में अपने बताया। आप अपनी जिरह के अहम बिंदुओं को हमको बताइए।
पीएन मिश्रा ने कहा: वाकिफ जमीन का मालिक होना चहिए, वाकिफ के द्वारा ही जमीन को दान किया जाए। मस्जिद में कम से कम 2 समय नमाज पढ़ी जाए, वहां पर वजू के इंतजाम होने चाहिए, मस्जिद में किसी भी जानवर, जीवित की तस्वीर या पेंटिंग न हो, मस्जिद में घंटी नही होनी चहिए। एक प्लॉट में मस्जिद और मंदिर नहीं होने चाहिए। मस्जिद में निवास नहीं होना चाहिए, मस्जिद में रसोई नहीं होनी चाहिए। मस्जिद किसी दूसरे की जमीन पर नही बनाई जा सकती, मस्जिद के आस-पास कब्र नहीं होनी चहिए। मस्जिद दूसरे धर्मों के लोगों के संरक्षण में नही होनी चहिए।
-
11:59 AM (IST) Aug 30, 2019
मिश्रा ने कहा कि मस्जिद में किसी प्रकार के तस्वीरों या कलाकारी होने से नमाज़ अदा करते वक्त लोगों का ध्यान भटक सकता है, लेकिन विवादित जमीन से कई मूर्तियां मिली थी। साथ ही उक्त जमीन से घण्टियों के सबूत भी मिले थी।
-
11:58 AM (IST) Aug 30, 2019
मिश्रा ने कहा कि इब्न-ए-बतूता ने अपनी भारत यात्रा पर कहा कि वह यह देख कर हैरान रह गया कि सभी मस्जिदों में घंटी बजाई जा रही थी, घंटी बजा कर पूजा की जा रही थी।
-
11:58 AM (IST) Aug 30, 2019
अखिल भारत श्रीराम जन्मभूमि पुनुरोद्धार समिति के वकील पीएन मिश्रा ने कहा कि पैगम्बर मोहम्मद ने कहा था कि घंटी बजा कर नामज़ नही पढ़ी जा सकती क्योंकि यह शैतान का इंस्टूमेंट है, घंटी बजाने से फरिश्ते उस घर या जगह पर नही आते है। बिना घंटी बजाई मंदिर में पूजा नही की जा सकती है।
-
11:56 AM (IST) Aug 30, 2019
हदीस साहिह मुस्लिम के मुताबिक मस्जिद की सजावट देवो देवताओं की मूर्तियों से किया जाना प्रतिबंधित है। साथ ही मस्जिद में एक गुड़िया का रखा जाना भी प्रतिबंधित है क्यों ऐसी इमारत में स्वर्गदूत प्रवेश नहीं करते।
-
11:56 AM (IST) Aug 30, 2019
इसमें लिखा है कि मस्जिद का प्रबंधन हमेशा मुसलमानों को करना चाहिए और मस्जिद में 2 वक्त अज़ान होनी चाहिए और मस्जिद को बातचीत की जगह के लिए इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। पीएन मिश्रा ने कहा कि लेकिन विवादित जगह पर चूल्हा मिला था।
-
11:55 AM (IST) Aug 30, 2019
पीएन मिश्रा ने हदीस साहिह-अल-बुखारी के कुछ हिस्सों को पढ़ा। इसमें कहा गया है कि एक ही जगह पर हिंदू और मुस्लिम दोनों का किबला का होना प्रतिबंधित है।
-
11:54 AM (IST) Aug 30, 2019
सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले की सुनवाई शुरू हो गई है। वकील अब अपनी दलीलें रख रहे हैं।