नई दिल्ली: किसान संगठनों द्वारा नए कृषि कानूनों के विरोध में मंगलवार को बुलाए गए ‘भारत बंद’ का दिल्ली में मिलाजुला असर दिखाई दिया। बंद के दौरान अधिकतर कारोबार और परिवहन सेवाओं का संचालन सुचारू रहा। एक तरफ जहां किसानों के प्रदर्शन में शामिल होने के लिए प्रदर्शनकारियों का राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं पर एकत्र होना जारी रहा, वहीं सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद रही। आंदोलन जारी रखने के संकल्प के बीच प्रदर्शनस्थलों पर ''जय किसान'', ''हमारा भाईचारा जिंदाबाद'', ''किसान एकता जिंदाबाद'' और ''तानाशाही नहीं चलेगी'' जैसे नारे गूंजते रहे।
इस बीच, आम आदमी पार्टी (आप) ने मंगलवार को आरोप लगाया कि सिंघू बॉर्डर पर केन्द्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों से मिलने के बाद से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को दिल्ली पुलिस ने घर में नजरबंद कर दिया है। पुलिस ने हालांकि पार्टी के दावों को खारिज किया है। उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि उन्हें केजरीवाल के आवास में जाने नहीं दिया गया। विशेष पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) उत्तरी क्षेत्र, सतीश गोलचा ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में हालात शांतिपूर्ण हैं। विपक्षी भाजपा और कांग्रेस ने केजरीवाल की तथाकथित नजरबंदी को ‘राजनीतिक चालबाजी’ करार दिया।
इस बीच, चांदनी चौक और सदर बाजार सहित शहर के अधिकतर बाजार खुले रहे और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिये इन इलाकों में पुलिस ने गश्त की। हालांकि, बाजारों में ग्राहक दिखाई नहीं दिये। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने दावा किया कि राष्ट्रीय राजधानी और देश के अन्य हिस्सों में परिवहन सेवाएं सामान्य हैं तथा बाजार भी खुले हैं और ‘भारत बंद’ का इन गतिविधियों पर कोई असर नहीं हुआ है।
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