PSLV के लांच की उल्टी गिनती अपने अंतिम चरण में है। आज सुबह 9 बजकर 12 मिनट पर इसरो का सबसे बड़ा मिशन श्रीहरीकोटा से PSLV-C35 उड़ान भरेगा। अब तक के सबसे लंबे मिशन में इसरो आठ सेटेलाइट को दो अलग अलग ऑर्बिट में प्रक्षेपित करेगा...जिसमें सवा दो घंटे का समय लगेगा।
स्कैटसेट-1 को 730 किलोमीटर की ऊंचाई पर जबकि बाकी सात सेटेलाइट्स को 689 किलोमीटर की कक्षा में स्थापित किया जाएगा। 320 टन वज़नी PSLV रॉकेट आठ उपग्रहों को लेकर उड़ान भरेगा। आठ सेटेलाइट में से तीन भारतीय हैं और पांच विदेशी हैं जिसमें अमेरिका, कनाडा का एक एक और अल्जीरिया के तीन सेटेलाइट शामिल हैं। दूसरा सेटेलाइट आईआईटी मुंबई का है जबकि तीसरा भारतीय सेटेलाइट पीसैट पीईएस यूनिवर्सिटी बैंगलौर का है।
इस प्रक्षेपण के साथ भारत सौ विदेशी उपग्रहों के प्रक्षेपण का जादुई आंकड़ा छू लेगा। प्रक्षेपण सफल होने के साथ ही विदेशी उपग्रहों की कुल संख्या 79 हो जाएगी। अगले महीने भारत दो और विदेशी उपग्रहों को प्रक्षेपित करेगा। भारत ने विदेशी उपग्रहों के प्रक्षेपण की शुरुआत साल 1999 में की थी।