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दीपावली के दिन धुंध भरी सुबह से हुआ दिल्लीवासियों का सामना, भारी वाहनों के प्रवेश पर लग सकती है पाबंदी

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Nov 07, 2018 01:13 pm IST,  Updated : Nov 07, 2018 01:13 pm IST

'सफर' की ओर से कहा गया कि पिछले साल की तुलना में इस साल विषैले पटाखे कम भी चलाए जाएं तो भी दीपावली के बाद आठ नवंबर को दिल्ली की वायु गुणवत्ता के और खराब होकर ‘बेहद गंभीर और आपात’ की श्रेणी में पहुंचने की आशंका है।

दीपावली के दिन धुंध भरी सुबह से हुआ दिल्लीवासियों का सामना, भारी वाहनों के प्रवेश पर लग सकती है पाबं- India TV Hindi
दीपावली के दिन धुंध भरी सुबह से हुआ दिल्लीवासियों का सामना, भारी वाहनों के प्रवेश पर लग सकती है पाबंदी

नयी दिल्ली: दिल्ली वासियों के लिए दीपावली की सुबह धुंध से भरी रही जहां वायु गुणवत्ता ‘खराब’ से ‘बहुत खराब’ श्रेणी के बीच झूलती रही। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि हवा की गति कम होने और पराली जलाने की वजह से प्रदूषक कणों की संख्या बढ़ने के चलते धुंध की चादर छाई रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक 268 दर्ज किया गया जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। बुधवार को दिल्ली में पीएम 2.5 (हवा में मौजूद अति सूक्ष्म कण) का स्तर 134 दर्ज किया गया जबकि पीएम10 का स्तर 276 रहा।

सीपीसीबी के आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में 28 इलाकों में वायु गुणवत्ता ‘खराब’ दर्ज की गई जबकि छह इलाकों में ‘बहुत खराब’ और दो इलाकों में ‘मध्यम’ श्रेणी की वायु गुणवत्ता दर्ज की गई। भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) ने बताया कि उत्तर-पश्चिमी दिशा से चल रही हवाएं पराली प्रदूषकों के प्रभाव को दिल्ली-एनसीआर तक लेकर आ रही हैं जो बृहस्पतिवार की सुबह तक जारी रहेगा।

केंद्र सरकार की वायु गुणवत्ता पूर्वानुमान और अनुसंधान प्रणाली (सफर) के अनुसार दीपावली के बाद दिल्ली की वायु गुणवत्ता बिगड़कर ‘गंभीर और आपात’ श्रेणी में जा सकती है। संस्थान ने बताया कि दीपावली के बाद पीएम10 का संकेंद्रण 575 और पीएम2.5 का 378 तक पहुंच सकता है जो इस साल में हवा की सबसे खराब गुणवत्ता होगी।

वहीं सीपीसीबी ने अधिकारियों से सिफारिश की है कि दीपावली के बाद 8 से 10 नवंबर तक दिल्ली में भारी वाहनों के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी जाए क्योंकि तब वायु गुणवत्ता के और खराब होकर "गंभीर" श्रेणी में पहुंचने के आसार हैं। पर्यावरण मंत्रालय के अधीन केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के सदस्य सचिव प्रशांत गार्गव ने मंगलवार को परिवहन अधिकारियों के साथ बैठक की और आठ से 10 नवंबर तक दिल्ली में ट्रकों (जरूरी वस्तुओं की ढुलाई करने वालों को छोड़कर) के प्रवेश पर पाबंदी की सिफारिश की।

केंद्र की वायु गुणवत्ता पूर्वानुमान एवं अनुसंधान प्रणाली (सफर) की ओर से कहा गया कि पिछले साल की तुलना में इस साल विषैले पटाखे कम भी चलाए जाएं तो भी दीपावली के बाद आठ नवंबर को दिल्ली की वायु गुणवत्ता के और खराब होकर ‘बेहद गंभीर और आपात’ की श्रेणी में पहुंचने की आशंका है। सफर की रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘ पिछली दीपावली के मुकाबले यदि विषैले पटाखे 50 फीसदी कम भी चलाए जाएंगे तो भी आठ और नौ नवंबर को कम से कम दो दिन तक वायु की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में बनी रहेगी।’’

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