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नोटबंदी: प्रवर्तन निदेशालय ने सूरत के व्यापारी भजियावाला को किया गिरफ्तार

 Written By: Bhasha
 Published : Jan 20, 2017 11:38 am IST,  Updated : Jan 20, 2017 11:52 am IST

सूरत: प्रवर्तन निदेशालय :ईडी: ने आज कहा कि उसने धन शोधन के आरोपों और नोटबंदी के बाद 1000 फर्जी पहचान पत्रों का कथित तौर पर इस्तेमाल करके एक करोड़ रपये के पुराने नोटों को नए

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सूरत: प्रवर्तन निदेशालय :ईडी: ने आज कहा कि उसने धन शोधन के आरोपों और नोटबंदी के बाद 1000 फर्जी पहचान पत्रों का कथित तौर पर इस्तेमाल करके एक करोड़ रपये के पुराने नोटों को नए नोटों में अवैध तरीके से बदलवाने के मामले में सूरत के फाइनेंसर किशोर भजियावाला को गिरफ्तार किया है। 

ईडी ने बताया कि उसने यहां अपने कार्यालय में कल देर रात करीब 11 बजकर 45 मिनट पर धन शोधन निवारण कानून (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत जिगनेश किशोरभाई भजियावाला (41) को गिरफ्तार किया। उन्हें आज अदालत में पेश किया जाएगा। 

ईडी ने सीबीआई की प्राथमिकी के आधार पर भजियावाला और उसके परिवार के कुछ सदस्यों के खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज किया था। आयकर विभाग ने नोटबंदी के बाद काले धन की जांच के तहत गत वर्ष दिसंबर में भजियावाला के परिसरौं से सोना और नकदी बरामद की थी जिसके बाद सीबीआई ने प्राथमिकी दर्ज की थी। 

यह मामला प्रमुखता से प्रकाश में तब आया जब जांच एजेंसियों को पता चला कि सूरत का एक चायवाला फाइनेंसर बन गया। 

ईडी ने कहा, भजियावाला परिवार ने नोटबंदी के बाद फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करके और फर्जीवाडा करके बैंक अधिकारियों और अन्य व्यक्तियों की मिलीभगत से बड़ी संख्या में अग्यात स्रोत से प्राप्त धन और अन्य संपत्तियों को नए नोटों में बदलवाया। उसके मकान, दुकान और बैंक लॉकरों की तलाशी के दौरान आयकर विभाग ने एक करोड़ दो लाख रपए से ज्यादा के नए नोट जब्त किये। यह भी पता चला कि आरोपी ने अवैध धन को छिपाने के लिए कई बैंकों में बेनामी लॉकर ले रखे थे। 

ईडी ने काला धन एकत्र करने और छिपाने के लिए भजियावाला द्वारा अपनाई गई कथित कार्यप्रणाली के बारे में कहा, भजियावाला ने सूरत पीपल्स कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड की उधना शाखा के तत्कालीन वरिष्ठ प्रबंधक पी भट्ट की मिलीभगत से केवाईसी फाइलें हासिल की और फिर उन्होंने इन फाइलों को बैंक के बाहर ले जाकर इनमें मौजूद पहचान पत्रों की कई जगहों से फोटोकॉपी करवाई। इस तरह भजियावाला ने एक हजार से ज्यादा पहचान पत्र हासिल किये। उसने इसी बैंक से करीब 200 पहचान पत्रों का इस्तेमाल करके 1000:500 के पुराने नोटों के बदले नए नोट प्राप्त किये। 

जांच एजेंसी ने कहा कि उसका मानना है कि भजियावाला ने सांठगांठ और फर्जीवाडा करके शेष आईडी के इस्तेमाल से भी नए नोट हासिल किये। ईडी ने कहा, अभी जांच चल रही है इसलिए भजियावाला द्वारा अन्य वित्तीय संस्थानों से आईडी हासिल किए जाने और उनका दुरपयोग करने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। 

आयकर विभाग के अधिकारियों ने भजियावाला के पास से कुल 10.50 करोड़ रपये की संपत्ति जब्त की। 

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