नई दिल्ली: सरकार ने सोमवार को राज्यसभा को बताया कि 9622.8 एकड़ रक्षा भूमि पर अतिक्रमण है। रक्षा राज्य मंत्री श्रीपाद नाइक ने एक सवाल के लिखित जवाब में उच्च सदन को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 31 दिसंबर 2018 की स्थिति के अनुसार देश में 9622.8 एकड़ रक्षा भूमि पर अतिक्रमण है। नाइक ने कहा कि अतिक्रमण का पता लगाना, उसे रोकना और हटाना एक सतत प्रक्रिया है।
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उन्होंने कहा कि संबंधित सेनाएं जो रक्षा भूमि का प्रबंधन करती हैं, वे इसकी सुरक्षा, अतिक्रमणों को हटाने और इसकी भूमि के उपयोग के लिए योजना बनाने की खातिर उत्तरदायी है। उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि सेनाओं का आधुनिकीकरण एक योजनाबद्ध प्रक्रिया है।
सरकार देश में सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के उद्योगों की क्षमताओं का उपयोग करके रक्षा देश में स्वदेशीकरण के उच्चतर स्तर और आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए पहल कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वित्त वर्षों यानी 2014-15 से लेकर 2018-19 के दौरान सेनाओं के लिए रक्षा उपकरणों की पूंजीगत खरीद की खातिर भारतीय विक्रेताओं के साथ करीब 1,49,259.07 करोड़ रूपए मूल्य के 164 करार किए गए हैं।