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सोलापुर: किसान ने लगाई फांसी, सुसाइड नोट में लिखा- CM के आने के बाद ही करें अंतिम संस्कार

 Written By: India TV News Desk
 Published : Jun 08, 2017 06:30 pm IST,  Updated : Jun 09, 2017 12:02 am IST

महाराष्ट्र में जारी किसान आंदोलन के बीच सोलापुर जिले के एक गांव में एक किसान ने कथित रूप से आत्महत्या कर ली। उसने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि जब तक मुख्यमंत्री उसके घर नहीं आते और उसकी मांगें पूरी नहीं करते, तब तक उसका अंतिम संस्कार नहीं किया जाना

solapur farmer suicide- India TV Hindi
solapur farmer suicide

पुणे: महाराष्ट्र में जारी किसान आंदोलन के बीच सोलापुर जिले के एक गांव में एक किसान ने कथित रूप से आत्महत्या कर ली। उसने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि जब तक मुख्यमंत्री उसके घर नहीं आते और उसकी मांगें पूरी नहीं करते, तब तक उसका अंतिम संस्कार नहीं किया जाना चाहिए।

सोलापुर के कलेक्टर राजेंद्र भोसले ने आज कहा कि धनाजी जाधव (45) ने कल रात करमाला तहसील के वीत गांव स्थित अपने घर के पास एक पेड़ से लटककर खुद को फांसी लगा ली। करमाला पुलिस के अनुसार जाधव ने अपने सुसाइड नोट में अपने मित्रों एवं संबंधियों से कहा, मैं एक किसान हूं, धनाजी चंद्रकांत जाधव। मैं आज आत्महत्या कर रहा हूं। मेरे शव को कृपया मेरे गांव ले जाएं और जब तक मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यहां नहीं आते, तब तक मेरा अंतिम संस्कार नहीं करें।

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कलेक्टर ने यह भी पुष्टि की कि किसान ने सुसाइड नोट में लिखा कि उसके शव का तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाए, जब तक मुख्यमंत्री उसके घर नहीं आते और किसानों के ऋण माफी की घोषणा नहीं करते।

suicide note
suicide note

सोलापुर के प्रभारी मंत्री विजय देशमुख ने आज गांव का दौरा किया। आत्महत्या करने वाले किसान के परिवार में उसकी पत्नी एवं दो बच्चे हैं। उसके पास खेती योग्य 2.5 एकड़ भूमि थी। पुलिस ने बताया कि किसान पर 60,000 रुपए का कर्ज था और उसने निजी साहूकारों से भी उधार लिया था।

इस घटना के बाद किसानों के संगठनों ने सड़क मार्ग बाधित कर दिया और करमाला तहसील में बंद का आह्वान किया। सोलापुर के कलेक्टर ने बताया कि वह गांव के लिए रवाना हो गए हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस दलों को भी घटनास्थल पर भेजा गया है ताकि हालात काबू में रखे जा सकें।

महाराष्ट्र में किसानों के पिछले एक सप्ताह से लगातार जारी विरोध प्रदर्शनों के कारण मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को विपक्षी दलों एवं भाजपा की सहयोगी शिव सेना की आलोचनाओं का शिकार होना पड़ रहा है। किसानों के प्रदर्शन के कारण कृषि उत्पादों की कीमतों में तेजी से वृद्धि हुई है।

फडणवीस ने हाल में एक बयान देकर 31 अक्तूबर तक ऋण माफ करने का वादा किया था लेकिन यह वादा आंदोलनरत किसानों को शांत नहीं कर पाया। किसानों का आंदोलन जारी है।

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