नयी दिल्ली: इस साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, क्रिकेटर मोहम्मद शमी तथा तैमूर तक सोशल मीडिया विभिन्न तरह के व्यंग्य और विविध तरह की चर्चाओं से भरा रहा। वर्ष 2016 में विमुद्रीकरण का मुद्दा सबसे ज्यादा ट्रेंड करने वाले मुद्दों में से एक रहा। आठ नवंबर को इसकी घोषणा के बाद ट्विटर सहित समूचे सोशल मीडिया पर तरह-तरह के संदेशों की बाढ़ आ गई।
एटीएम और बैंकों के बाहर लगी लंबी लाइनों पर टिप्पणी करते हुए ट्विटर इस्तेमाल करने वाले साहिल शाह ने कहा, पता नहीं लाइन एटीएम के बाहर लगी है या शिरडी में । एक संदेश में फ्रांस की रानी मैरी एंटोनिएट की पेंटिंग पर मोदी का चेहरा लगा दिया गया और उस पर कैप्शन में लिखा था मोदी एंटोनिएट। इसमें कहा गया, उनके पास नोट नहीं हैं, उन्हें प्लास्टिक का इस्तेमाल करना चाहिए।
कार्तिक नाम के एक व्यक्ति ने लिखा कि प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद एक घंटे के भीतर आए संदेशों से पता चलता है कि बेरोज़गारी कालेधन से बड़ी समस्या है।

हाल में क्रिकेटर मोहम्मद शमी पर सोशल मीडिया में हमला बोला गया जब उन्होंने अपनी पत्नी हसीन जहां की तस्वीर फेसबुक पर पोस्ट की जिसमें वह बिना बाजू वाले कपड़े पहने हुए थीं। उनसे कहा गया कि वह सुनिश्चित करें कि उनकी पत्नी हिजाब में नजर आएं। हालांकि, सोशल मीडिया पर क्रिकेटर मोहम्मद कैफ, गीतकार जावेद अख्तर और उनके अभिनेता पुत्र फरहान सहित अन्य कई लोग शमी के बचाव में सामने आए। कैफ ने ट्वीट किया, टिप्पणियां बहुत ही शर्मनाक हैं। मोहम्मद शमी का पूरा समर्थन करिए। इस देश में और भी बड़े मुद्दे हैं।
तैमूर नाम पर वबाल, आगे