1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. विधायक के घर से मिला 1.44 किलो सोना, 24 लाख रुपये का नेकलेस भी जब्त

विधायक के घर से मिला 1.44 किलो सोना, 24 लाख रुपये का नेकलेस भी जब्त

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Oct 18, 2021 05:00 pm IST,  Updated : Oct 18, 2021 05:00 pm IST

भ्रष्टाचार रोधी सतर्कता अधिकारियों ने गोपालपुर के विधायक प्रदीप पाणिग्रही के घर की तलाशी के बाद 1,440 ग्राम (1.44 किलो) सोना और 24.25 लाख रुपये का एक डिजाइनर गले का हार जब्त किया है।

गोपालपुर के विधायक प्रदीप पाणिग्रही- India TV Hindi
गोपालपुर के विधायक प्रदीप पाणिग्रही Image Source : ODISHA ASSEMBLY

भुवनेश्वर: भ्रष्टाचार रोधी सतर्कता अधिकारियों ने गोपालपुर के विधायक प्रदीप पाणिग्रही के घर की तलाशी के बाद 1,440 ग्राम (1.44 किलो) सोना और 24.25 लाख रुपये का एक डिजाइनर गले का हार जब्त किया है। सतर्कता विभाग ने प्रदीप पाणिग्रही, उनके रिश्तेदार और सहयोगियों के घरों में 23 घंटे तक चली तलाशी के बाद एक बयान में कहा, ‘‘तलाशी के दौरान प्रदीप कुमार पाणिग्रही के घर से 1,440 ग्राम सोना और 24.25 लाख रुपये का एक डिजाइनर गले का हार मिला, जिन्हें जब्त किया गया है।’’ 

बयान में कहा गया है कि इन्हें कुर्क करने के कदम उठाए जा रहे हैं। पाणिग्रह और उनके परिवार के सदस्यों के बैंक खाते से लेन-देन पर रोक लगाने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं। अधिकारियों ने कहा, ‘‘तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों की सतर्कता विभाग की वित्तीय शाखा के अधिकारियों, पेशेवर चार्टर्ड अकाउंटेंट और बैंकिंग सलाहकारों से जांच करायी जाएगी। सतर्कता विभाग की साइबर शाखा तलाशी के दौरान मिले सभी इलेक्ट्रॉनिक सबूत/दस्तावेजों की जांच करेगी।’’ 

इससे पहले, लोकायुक्त के निर्देश पर चार अक्टूबर को पाणिग्रही के खिलाफ एक मामला दर्ज किया गया था। रविवार को भुवनेश्वर और गंजाम जिलों में 15 स्थानों पर तलाशी ली गयी थी। अधिकारी ने बताया कि छापे के दौरान जमीन, आभूषण खरीदने से संबंधित दस्तावेज, बैंक पासबुक, क्रेडिट/डेबिट कार्ड, लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य सामान जब्त किए गए। 

सतर्कता निदेशालय ने गैरकानूनी रूप से संपत्ति अर्जित करने के आरोप पर पिछले साल गोपालपुर के विधायक की संपत्ति का गुप्त तरीके से सत्यापन किया था और उनके खिलाफ नौ दिसंबर 2020 को लोकायुक्त के समक्ष शिकायत दर्ज करायी थी। सतर्कता शाखा को इस मामले की जांच करने का निर्देश दिया गया था। 

जांच में पता चला कि पाणिग्रही ने 24 मई 2009 से 30 नवंबर 2020 के बीच जन सेवक के तौर पर गैरकानूनी रूप से संपत्ति अर्जित की। सतर्कता शाखा ने इस साल 28 मई को लोकायुक्त को जांच रिपोर्ट सौंपी थी। 

कभी मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के करीबी रहे पाणिग्रही को सतर्कता शाखा ने नौकरियां देने के झूठे वादे करके लोगों से धोखाधड़ी करने के एक मामले में गिरफ्तार किया था। छप्पन वर्षीय विधायक करीब सात महीने तक जेल में रहे और उन्हें इस साल जून में जमानत पर रिहा किया गया।

(भाषा)

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत

MLA