1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. मप्र में स्वतंत्रता दिवस पर कर्मचारियों को मिलीं सौगातें

मप्र में स्वतंत्रता दिवस पर कर्मचारियों को मिलीं सौगातें

 Written By: India TV News Desk
 Published : Aug 15, 2016 07:33 pm IST,  Updated : Aug 15, 2016 07:33 pm IST

मध्यप्रदेश में सोमवार को स्वाधीनता दिवस पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य के कर्मचारियों को कई सौगातें दीं और अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं।

Shivraj Singh Chouhan- India TV Hindi
Shivraj Singh Chouhan

भोपाल: मध्यप्रदेश में सोमवार को स्वाधीनता दिवस पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य के कर्मचारियों को कई सौगातें दीं और अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों व अधिकारियों को सातवें वेतनमान का लाभ दिए जाने के साथ ही दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को स्थायी कर्मचारी बनाने का ऐलान किया। इस मौके पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस जवानों को सम्मानित किया गया।

राजधानी भोपाल के मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित समारोह में चौहान ने ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। उन्होंने कहा कि दैनिक वेतनभोगियों को स्थायी कर्मियों के रूप में लिया जाएगा, ताकि उन्हें भी वेतनमान, वेतनवृद्धि और मंहगाई भत्ता आदि की सुविधाएं मिलें। साथ ही उनकी योग्यतानुसार अन्य विभागों में उनका समायोजन किया जाएगा। उन्होंने शासकीय कर्मियों को सातवां वेतनमान दिए जाने के साथ सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि बढ़ाने की भी घोषणा की। वहीं अध्यापक संवर्ग को एक जनवरी 2016 से छठा वेतनमान स्वीकृत करने की बात कही।

शिवराज ने कहा कि राज्य के नौजवानों को रोजगार की बेहतर सुविधा देने के मकसद से 'रोजगार कैबिनेट' बनाई जाएगी। यह कैबिनेट रोजगार के अवसर सृजित करने की दिशा में अहम काम करेगी। इसके साथ ही एक स्थान पर रोजगार के अवसर की समग्र जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि राज्य तेजी से बदल रहा है, देश और दुनिया में यहां की छवि बदल रही है। पहले राज्य की गिनती पिछड़े और गरीब राज्य के तौर पर होती थी, मगर अब ऐसा नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सड़कों का जाल बिछ रहा है, अंधेरे का कलंक मिट गया है, 24 घंटें बिजली दी जा रही है, किसानों को बिजली और सिंचाई के लिए पानी मिलने लगा है। यही कारण है कि राज्य की विकास दर 10 प्रतिशत से ऊपर और कृषि दर 20 प्रतिशत के करीब चल रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में स्मार्ट शहर के साथ स्मार्ट गांव भी बनाए जाएंगे। इन गांव में वे सारी सुविधाएं होंगी जो आम आदमी की जरूरत है। यहां सड़क, बिजली, विद्यालय, आंगनवाड़ी से लेकर शुद्धजल की सुविधा होगी। चौहान ने आगामी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि हर गांव को सड़क से जोड़ा जाएगा, हर खेत को पानी मिले इसके प्रयास होंगे, हर बच्चे को शिक्षा और हर परिवार को स्वास्थ्य सेवा दिलाने के प्रयास होंगे। राज्य में कोई भी व्यक्ति बगैर जमीन के नहीं रहेगा, हर व्यक्ति के पास मकान की जमीन होगी।

उन्होंने राज्य सरकार की उपलब्धियों का ब्योरा दिया और कहा कि राज्य में बिजली का उत्पादन बढ़ा है, आज सरप्लस बिजली है, सिंचाई क्षमता साढ़े सात लाख हेक्टेयर से बढ़कर 40 लाख हेक्टेयर हो चुकी है। नदियों को जोड़ा जा रहा है, अभी नर्मदा नदी का जल क्षिप्रा में लाया गया है आगामी समय में क्षिप्रा के जल को गंभीर, पार्वती आदि नदियों में लाने का है। मुख्यमंत्री ने कहा, "राज्य में उपलब्ध सुविधाओं का ही नतीजा है कि देश और दुनिया के विभिन्न हिस्सों के निवेशकों का आकर्षण हमारे राज्य की ओर बढ़ा है। यही कारण है कि इंदौर में हुई पिछली इंवेस्टर्स समिट में हुए करार के बाद ढाई लाख करोड़ के प्रस्ताव जमीन पर उतर आए।"

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश आनंद विभाग गठित करने वाला देश का पहला राज्य है। इसी के अंतर्गत राज्य आनंद संस्थान भी बनाया गया है। ग्रामीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता का क्षेत्र बताते हुए चौहान ने कहा कि इस वित्तीय वर्ष में अभी तक पांच लाख 40 हजार ग्रामीण शौचालयों का निर्माण किया गया, जो देश में सर्वाधिक है। उन्होंने कहा कि त्रि-स्तरीय पंचायतों के चुनावों में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों के आवास परिसर में शौचालय होना अनिवार्य किया गया है। आगामी तीन साल में सभी गांव बारहमासी सड़कों से जुड़ जाएंगे।

'स्वस्थ मध्यप्रदेश' की अवधारणा को साकार करने का संकल्प दोहराते हुए चौहान ने कहा कि 11 नए चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना हो रही है। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए 2000 नए उप स्वास्थ्य केंद्रों को मंजूरी दी गई है। लाडो अभियान से 82 हजार से अधिक बाल विवाह रोके गए। लाड़ली लक्ष्मी योजना का लाभ 23 लाख बालिकाओं को मिल चुका है। कक्षा छठी में आने पर 17 हजार लाड़लियों को 2000 रुपए की छात्रवृत्ति दी जा रही है।

चौहान ने कहा कि नैतिक शिक्षा और योग को पाठ्यक्रम में सम्मिलित करने का फैसला लिया गया है। पाठ्यक्रमों में समय और आज की जरूरतों के अनुसार सुधार कर रोजगारोन्मुखी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि नर्मदा नदी के जल को शुद्ध बनाए रखने में आमजन की सहभागिता के साथ 'नमामि देवि नर्मदे' यात्रा नवंबर में शुरू की जाएगी। नर्मदा नदी के दोनों तटों से एक-एक किलोमीटर चौड़ाई में एक वर्ष में 20 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में फल-पौधरोपण किया जाएगा।

कानून-व्यवस्था की दृष्टि से मध्यप्रदेश को आदर्श राज्य बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सूचना-प्रौद्योगिकी के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। आगामी एक वर्ष में डायल-100 योजना में 200 वाहन और बढ़ाए जाएंगे। पचास नए शहरों में सीसीटीवी आधारित सुरक्षा एवं निगरानी प्रणाली स्थापित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि साइबर और उच्च तकनीक आधारित अपराधों के निराकरण के लिए जबलपुर, भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में विशेष न्यायालयों का गठन किया जाएगा। इस मौके पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अफसरों व कर्मचारियों को सम्मानित भी किया गया।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत