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कभी नहीं मिटेगी JNU की संस्कृति, छात्रों पर हमले का जवाब बहस और चर्चा से देंगे- JNUSU अध्यक्ष

 Reported By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jan 06, 2020 06:16 pm IST,  Updated : Jan 06, 2020 06:51 pm IST

जेएनयूएसयू अध्यक्ष ने कहा कि छात्रों के खिलाफ इस्तेमाल की जाने वाली प्रत्येक लोहे की छड़ का जवाब बहस और चर्चा द्वारा दिया जाएगा। जेएनयू की संस्कृति कभी भी नहीं मिटेगी। जेएनयू अपनी लोकतांत्रिक संस्कृति को बनाए रखेगा।

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कभी नहीं मिटेगी JNU की संस्कृति, छात्रों पर हमले का जवाब बहस और चर्चा से देंगे- JNUSU अध्यक्ष Image Source : PTI/ANI

नई दिल्ली। जवाहर लाल नेहरू छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष ने सोमवार को आरोप लगाया कि परिसर पर हुआ हमला संगठित था। हमले में घोष भी घायल हुई हैं। घोष ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह संगठित हमला था। वे लोगों को छांट-छांट कर उन पर हमला कर रहे थे। जेएनयू सुरक्षा और तोड़फोड़ करने वालों के बीच पक्का कोई साठगांठ थी। उन्होंने हिंसा रोकने के लिए हस्तक्षेप नहीं किया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘पिछले चार-पांच दिन से आरएसएस से जुड़े कुछ प्रोफेसर हिंसा को बढ़ावा दे रहे थे ताकि हमारे आंदोलन को तोड़ा जा सके। क्या जेएनयू और दिल्ली पुलिस से सुरक्षा मांग कर हम कोई गलती कर रहे हैं?’’

जेएनयूएसयू अध्यक्ष ने कहा कि छात्रों के खिलाफ इस्तेमाल की जाने वाली प्रत्येक लोहे की छड़ का जवाब बहस और चर्चा द्वारा दिया जाएगा। जेएनयू की संस्कृति कभी भी नहीं मिटेगी। जेएनयू अपनी लोकतांत्रिक संस्कृति को बनाए रखेगा।

JNU के कुलपति को हटाने की मांग तेज हुई

 

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के कुलपति एम जगदीश कुमार को हटाने की मांग सोमवार को तेज हो गयी जहां छात्र संघ और शिक्षकों ने उन पर ‘हिंसक भीड़ का हिस्सा’ होने तथा विश्वविद्यालय में हिंसा को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष ने कुलपति कुमार पर अक्षम होने का आरोप लगाते हुए मांग की कि उन्हें पद से हट जाना चाहिए।

माकपा महासचिव और जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष सीताराम येचुरी ने कहा, ‘‘कुलपति भी इस हमले में संलिप्त रहे। उन्हें तत्काल हटाया जाना चाहिए।’’ वहीं कुमार ने सभी छात्रों से शांति बनाये रखने की अपील करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय की शीर्ष प्राथमिकता छात्रों के शैक्षणिक हित की रक्षा करना है।

जेएनयू शिक्षक संघ ने मांग की कि कुलपति या तो इस्तीफा दे दें या मानव संसाधन विकास मंत्रालय को उन्हें हटा देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘वह कायर कुलपति हैं जिन्होंने पिछले दरवाजे से अवैध नीतियों को लागू किया, जो छात्रों या शिक्षकों के सवालों से भागते हैं और जेएनयू की छवि बिगाड़ने के हालात बनाते हैं।’’

शिक्षक संघ का आरोप था, ‘‘जो हिंसा हुई वह कुलपति तथा उनके जानने वालों की हताशा और कुंठा का परिणाम थी। लेकिन आज के घटनाक्रम दिल्ली पुलिस के लिए शर्मसार करने वाले हैं जिसने बाहर से बुलाये गये एबीवीपी के गुंडा तत्वों को सुरक्षित रास्ता दिया।’’ जेएनयू शिक्षक संघ के पूर्व अध्यक्ष सोनाझरिया मिंज ने पूरे घटनाक्रम के दौरान कुमार की गैर मौजूदगी पर सवाल उठाया। 

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