1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. शुक्रवार को करें इस मंत्र से जाप , दूर होगे अभाव

शुक्रवार को करें इस मंत्र से जाप , दूर होगे अभाव

 Written By: India TV News Desk
 Published : Jul 17, 2015 07:49 am IST,  Updated : Jul 17, 2015 08:01 am IST

नई दिल्ली: पूजा-उपासना तो जैसे भारतवासियों की सांसों में बसा हुआ है। शायद की ऐसा कोई दिन गुजरता होगा, जब कोई खास पूजा का संयोग न बनता हो। सप्ताह के हर दिन के अनुसार भी


'वैभव लक्ष्मी व्रत'  का ऐसें करें उद्यापन

सात, ग्यारह या इक्कीस, जितने भी शुक्रवारों की मन्नत माँगी हो, उतने शुक्रवार तक यह व्रत पूरी श्रद्धा तथा भावना के साथ करना चाहिए। आखिरी शुक्रवार को इसका शास्त्रीय विधि के अनुसार उद्यापन करना चाहिए। ऐसा करने से ही आपके व्रत पूर्ण रूप से पूरा होगा।  

आखिरी शुक्रवार को प्रसाद के लिए खी‍र बनानी चाहिए। जिस प्रकार हर शुक्रवार को हम पूजन करते हैं, वैसे ही करना चाहिए। पूजन के बाद माँ के सामने एक श्रीफल फोड़ें फिर कम से कम सात‍ कुंआरी कन्याओं या सौभाग्यशाली स्त्रियों को कुमकुम का तिलक लगाकर मां वैभवलक्ष्मी व्रत कथा की पुस्तक की एक-एक प्रति उपहार में देनी चाहिए और सबको खीर का प्रसाद देना चाहिए। इसके बाद माँ लक्ष्मीजी को श्रद्धा सहित प्रणाम करना चाहिए।

फिर माताजी के 'धनलक्ष्मी स्वरूप' की छवि को वंदन करके भाव से मन ही मन प्रार्थना करें- 'हे मां धनलक्ष्मी! मैंने आपका 'वैभवलक्ष्मी व्रत' करने की मन्नत मानी थी, वह व्रत आज पूर्ण किया है। हे माँ! हमारी (जो मनोकामना हो वह बोले) मनोकामना पूर्ण करें। हमारी हर विपत्ति को दूर करो। हमारा सबका कल्याण करो। जिसे संतान न हो, उसे संतान देना। सौभाग्यवती स्त्री का सौभाग्य अखंड रखना। कुँआरी लड़की को मनभावन पति देना। जो आपका यह चमत्कारी वैभवलक्ष्मी व्रत करे, उनकी सब विपत्ति दूर करना। सभी को सुखी करना। हे माँ! आपकी महिमा अपार है।' आपकी जय हो! ऐसा बोलकर लक्ष्मीजी के 'धनलक्ष्मी स्वरूप' की छवि को प्रणाम करें।


 

 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत