मुंबई: मुंबई के एल. एच. हीरानंदानी अस्पताल में किडनी रैकेट चलाने के आरोप में 5 डॉक्टरों को गिरफ्तार किया है। इनमें अस्पताल के CEO सुजीत चटर्जी और मेडिकल डायरेक्टर अनुसार नाइक भी शामिल हैं। आपको बता दे कि 14 जुलाई को इस रैकेट का भंडाफोड़ हुआ था जिसके बाद कई सीनियर डॉक्टरों की गिरफ्तारी की गई।
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नकली रिश्तेदार बनाकर चल रहे इस किडनी रैकेट में अब तक 14 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। पुलिस ने मामले में मानव अंग प्रत्यार्पण कानून 1994 के तहत मामला दर्ज किया है। मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी बिजेंद्र बिसेन इसके पहले भी साल 2007 में गिरफ्तार हो चुका है। एक मेडिकल सोशल वर्कर नीलेश कांबले भी गिरफ्तार हो गया हैं।
ऐसा हुआ किडनी रैकेट का पर्दाफाश
आपको बता दें कि किडनी रैकेट का सरगना एक किडनी ट्रांसप्लांट के बदले में 25 से 30 लाख रुपये लेता था। किडनी देने वाले को कुछ हजार रुपये देकर ही चुप करा दिया जाता था। ऐसे ही एक किडनी डोनर ने एक सामाजिक संस्था के साथ मिलकर पिछले महीने इस रैकेट का भंडाफोड़ करवाया था। डॉक्टर किडनी ट्रांसप्लांट करने ही वाले थे लेकिन तभी छापा पड़ा और पता चला कि जिस महिला को मरीज़ की पत्नी बताकर अस्पताल में भर्ती करवाया गया था वह उसकी पत्नी नहीं थी।
जाने माने बिल्डर और इस हॉस्पिटल के संस्थापक निंरजन हीरानंदानी ने इस घटना पर अफसोस जाहिर किया हैं। गिरफतार किए गए डॉक्टरों को आज अंधेरी मेट्रोपॉलिटन मैजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेश किया जाएगा।