उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में गुरुवार को दो हजार से अधिक मुस्लिम महिलाएं और लड़कियां बुर्का पहनकर जिले के महीदपुर इलाके की सड़कों पर उतरीं और भोपाल में 3 दिन पहले हुए उस कथित विवादास्पद मुठभेड़ के विरोध में प्रदर्शन किया, जिसमें सिमी के 8 आतंकी मारे गए थे। यह विरोध प्रदर्शन जिला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर दूर महीदपुर कस्बे में किया गया तथा इस दौरान ‘हमें न्याय चाहिए’ और ‘हम फर्जी मुठभेड़ की जांच चाहते हैं’ के नारे लगाए गए।
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प्रदर्शनकारियों में 31 अक्तूबर को भोपाल में पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में मारे गए महीदपुर के स्थानीय सिमी आतंकी अब्दुल माजिद की पत्नी एवं मां भी शामिल थीं। तहसील मुख्यालय की ओर कूच करते समय प्रदर्शनकारी जोर से चिल्ला-चिल्ला कर कह रहीं थीं कि उन्हें भोपाल सेंट्रल जेल में बंद सिमी के अन्य सदस्यों के मारे जाने का भी डर है। उन्होंने तहसील मुख्यालय में तहसीलदार सरिता लाल से भेंट भी की। प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान सरिता को एक ज्ञापन भी दिया, जो महीदपुर के अनुविभागीय दंडाधिकारी एसडीएम के नाम पर था।
इस ज्ञापन में मुठभेड़ और मुस्लिमों के साथ हो रहे जुल्मों पर जांच की मांग की गई है। एक प्रदर्शनकारी ने रोते हुए कहा, ‘हमने यह सुनिश्चित करने के लिए बुर्का पहना हुआ है कि पुलिस हमें पहचान न सके। हमारे समुदाय के पुरुष लोग विरोध प्रदर्शन नहीं कर सकते, क्योंकि पुलिस और एनआईए उन्हें उठा लेती और परेशान करती।’ वहीं, उज्जैन के पुलिस अधीक्षक मनोहर वर्मा ने बताया कि जिले में स्थिति शांतिपूर्ण है।