मुंबई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को यहां छत्रपति शिवाजी की भव्य मूर्ती और स्मारक के लिए भूमिपूजन किया। वह दिनभर के महाराष्ट्र दौरे पर हैं। मोदी ने ट्वीट कर कहा, "मैं शिव स्मारक का भूमिपूजन करने का अवसर मिलने पर सम्मानित महसूस कर रहा हूं।"
PM मोदी ने कहा, "छत्रपति शिवाजी महाराज साहस, बहादुरी और सुशासन के पथ प्र्दशक हैं। शिव स्मारक उनकी महानता के प्रति एक उपयुक्त श्रद्धांजलि है।" उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इसके लिए पर्यावरण मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, भारतीय नौसेना, भारतीय तट रक्षक सहित केंद्र से 12 प्रमुख अनुमतियां ली हैं।
शिवाजी स्मारक और प्रतिमा दक्षिण मुंबई में अरब सागर के तट से एक किलोमीटर दूर एक चट्टानी द्वीप पर बनेगा। प्रतिमा की ऊंचाई 309 फीट होगी और यह न्यूयॉर्क के स्टैचू ऑफ लिबर्टी से अधिक ऊंची होगी।
प्रधानमंत्री मोदी दो मेट्रो गलियारों, मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक, शहरी परिवहन परियोजना के तीसरे चरण और सड़क परियोजनाओं के शिलान्यास के अतिरिक्त नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सिक्योरिटीज मार्केट्स के नए परिसर का उद्घाटन भी करेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि वह पुणे मेट्रो परियोजना के पहले चरण का उद्घाटन भी करेंगे। उन्होंने कहा कि 'इससे पुणे के लोगों को काफी लाभ मिलेगा।'
छत्रपति शिवाजी की मूर्ती की खास बातें:
- स्मारक बनाने में करीब 3 हजार 6 सौ करोड़ खर्च होंगे।
- स्मारक अरब सागर में समंदर तट से डेढ़ किलोमीटर अंदर होगी।
- स्मारक की ऊंचाई घोड़े समेत 192 मीटर होगी।
- सिर्फ शिवाजी की ही ऊंचाई करीब 114 मीटर होगी।
- ये ऊंचाई न्यू यॉर्क के स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी से 20 मीटर ज्यादा है।
- 32 एकड़ के चट्टान पर स्मारक तैयार किया जाएगा।