चेन्नई: AIADMK के वरिष्ठ नेता पी.एच. पांडियन ने जे. जयललिता की मौत पर संदेह व्यक्त किया और आरोप लगाया कि उनके पोज गार्डन आवास पर एक झगड़ा हुआ था जिस दौरान उन्हें नीचे धक्का दे दिया गया और वह बेहोश हो गईं। पांडियन ने इसके साथ ही जयललिता की निकट सहयोगी वी. के. शशिकला को तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनाये जाने का भी कड़ा विरोध किया।
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पूर्व मुख्यमंत्री एवं AIADMK प्रमुख जयललिता की मौत मामले में तब एक नया मोड़ आ गया जब पूर्व विधानसभाध्यक्ष पांडियन ने यह आरोप लगाते हुए षड्यंत्र का संदेह जताया कि उनकी मृत्यु अप्राकृतिक परिस्थितियों में हुई। उन्होंने जयललिता को अस्पताल में भर्ती कराये जाने की भी जांच की मांग की। जयललिता को 22 सितम्बर को चेन्नई स्थित अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था और 75 दिन के इलाज के बाद पांच दिसम्बर को उनका निधन हो गया।
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पांडियन ने यह आरोप यहां अपने पुत्र एवं पार्टी पदाधिकारी मनोज के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में लगाया। उन्होंने इस दौरान जयललिता को अस्पताल में भर्ती कराये जाने से पहले उनके पोज गार्डन आवास पर 22 सितम्बर को हुई एक घटना का उल्लेख किया।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, '22 सितम्बर की रात में घर के लोगों के बीच बहस हुई। वह परिवार के दूसरे पक्ष (शशिकला के परिवार) और जयललिता के बीच हुई और उन्हें नीचे धक्का दे दिया गया। वह नीचे गिर गईं और बेहोश हो गईं। उन्होंने कहा, यह दूसरे दिन अखबारों में प्रकाशित हुआ।
उन्होंने जयललिता की मृत्यु से संबंधित गोपनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि जयललिता को अस्पताल में भर्ती कराये जाने से पहले हुए घटनाक्रमों की जांच की जानी चाहिए और इसमें घर में मौजूद लोगों को शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल अपने मरीज की निजता की बात कह सकता है, लेकिन घर में मौजूद लोग इसकी आड़ नहीं ले सकते।