नई दिल्ली: न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय खंडपीठ ने निर्भया केस के चारों आरोपियों की मौत की सजा बहाल रखते हुए सख्त टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि इस मामले की परिस्थितियों और इस अपराध ने लोगों के अंदर सदमे की सुनामी पैदा कर दी।
कोर्ट ने कहा कि अपराध की किस्म और इसके करने के तरीके ने सामाजिक विश्वास तोड़ा और यह मौत की सजा के लिये रेयरेस्ट ऑफ द रेयर अपराध की श्रेणी में आता है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा: पीडित के मृत्युपूर्व दिए गए बयान में तारतम्य है और यह संदेह से परे सिद्ध हो गया है। कोर्ट ने कहा कि दोषियों की पृष्ठभूमि, उम्र, कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं होना, जेल में अच्छा आचरण आदि अपराध की परिस्थितियों को कम नहीं कर सकते।
स्लाइड्स में जानिए जज ने कोर्ट रूम में क्या कहा