नई दिल्ली: केंद्र सरकार द्वारा मंगलवार की रात से 500-1000 रुपये के नोट को अमान्य किए जाने के बाद रेल प्रशासन ने टिकट रद्द करने पर 10 हजार रुपये से ज्यादा की राशि नकद रिफंड न करने का फैसला लिया है। पचिम रेलवे के महाप्रबंधक कार्यालय ने गुरुवार को एक विज्ञप्ति में कहा कि नौ नवंबर से 11 नवंबर के बीच रेल्वे आरक्षण कार्यालय से बुक किए गए टिकट को रद्द कराने पर 10 हजार रुपये से अधिक का रिफंड आने पर धन वापसी नकद नहीं दी जाएगी। यात्री को उसकी टिकट का रिफंड चेक द्वारा या नेट बैंकिंग द्वारा दिया जाएगा।
रेलवे के अनुसार, इस प्रकार के टिकट को रद्द करने के लिए यात्री को टिकट रद्दीकरण की निर्धारित समय सीमा के अंदर एक टीडीआर भरना होगा और साथ ही अपना ओरिजनल टिकट काउंटर पर जमा करना होगा। 10 हजार रुपये से अधिक का रिफंड होने पर धन वापसी चेक द्वारा या यात्री के खाते में ईसीएस द्वारा जमा की जाएगी।
दरअसल, सरकार ने रेलवे स्टेशन पर 72 घंटे के लिए 500 और 1000 के पुराने नोट इस्तेमाल करने की छूट दे रखी है जिसे कुछ लोगों ने काले धन को सफेद करने का जरिया बना लिया। 8 नवंबर के मुकाबले 9 नवंबर को रेलवे टिकट की बुकिंग 25 फीसदी तक बढ़ गई। फर्स्ट AC में 8 नवंबर को जहाँ 2000 लोगों ने टिकट बुक कराया, वहीँ 9 नवम्बर को 27000 लोगों ने बुकिंग कराई। एक दिन में रेलवे की एसी फर्स्ट क्लास के टिकट की कमाई 4 करोड़ से बढकर 13 करोड़ की हो गई। सेकेंड एसी और थर्ड एसी के टिकट भी नौ नवंबर को ज्यादा बिके।
रेलवे के मुताबिक ये लोग पुराने नोटों से बुकिंग कराने के बाद टिकट कैंसिल कराकर नए नोट लेने की फिराक में थे। ऐसी जानकारी मिलने के बाद रेलवे ने तय किया है कि इन तीन दिनों में बुक हुए 10 हजार से ज्यादा के टिकट का रिफंड कैश नहीं देंगे बल्कि अकाउंट में ट्रांसफर किया जाएगा और 50 हजार से ऊपर के ट्रांजेक्शन पर PAN कार्ड देना जरूरी होगा।
रेलवे की तरह ही हवाई टिकट की बुकिंग में भी अचानक इजाफा देखने को मिला। एयरलाइंस के काउंटर में आम दिनों में 25 लाख तक के टिकट बुक होते थे लेकिन नोटबंदी के बाद 1 करोड़ रुपए तक के टिकट बुक हो गए। इसे देखते हुए एयरलाइंस ने फैसला किया है कि आज रात 12 बजे तक 500 या 1000 रुपए के पुराने नोट से जो भी टिकट बुक किए जाएंगे उन्हें कैंसिल नहीं कराया जा सकेगा।