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डेल्टा वेरिएंट से 6 गुना अधिक संक्रामक है Omicron? जानिए WHO ने क्या कहा

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Nov 29, 2021 09:53 am IST,  Updated : Nov 29, 2021 12:05 pm IST

डब्ल्यूएचओ ने दुनिया भर के अन्य देशों से अपील की कि वे ओमिक्रॉन को लेकर चिंता के कारण दक्षिण अफ्रीकी देशों से आने वाली उड़ानों पर प्रतिबंध नहीं लगाएं। अफ्रीका के लिए डब्ल्यूएचओ के क्षेत्रीय निदेशक मात्शिदिसो मोएती ने देशों से यात्रा प्रतिबंधों का उपयोग करने से बचने के लिए विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य नियमों का पालन करने का आह्वान किया।

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डेल्टा वेरिएंट से 6 गुना अधिक संक्रामक है Omicron? जानिए WHO ने क्या कहा Image Source : PTI

Highlights

  • WHO की दक्षिण अफ्रीकी देशों से आने वाली उड़ानों पर प्रतिबंध नहीं लगाने की अपील
  • ओमिक्रॉन की गंभीरता का स्तर समझने में कई सप्ताह तक का समय लगेगा।

नई दिल्ली: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा कि अभी यह ‘‘स्पष्ट नहीं है’’ कि क्या कोरोना वारयस का नया स्वरूप ‘ओमिक्रॉन’, डेल्टा स्वरूप समेत अन्य स्वरूपों की तुलना में अधिक संक्रामक है और क्या यह अपेक्षाकृत अधिक गंभीर बीमारी का कारण है। डब्ल्यूएचओ ने कहा, ‘‘इस बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है, जो यह बताती हो कि ओमिक्रॉन से जुड़े लक्षण अन्य स्वरूपों की तुलना में अलग हैं।’’ उसने कहा कि ओमिक्रॉन स्वरूप की गंभीरता का स्तर समझने में कई दिनों से लेकर कई सप्ताह तक का समय लगेगा।

आपको बता दें कि इससे पहले यह कहा जा रहा था कि ओमिक्रॉन से नई लहर का खतरा है, क्योंकि यह डेल्टा से 6 गुना तेजी से फैल रहा है। यही नहीं, यह तेजी से म्यूटेट भी हो रहा है। पकड़ में आने से पहले ही इसमें 32 म्यूटेशन हो चुके हैं। इसे देखते हुए कई देशों ने 7 अफ्रीकी देशों से उड़ानों पर रोक लगा दी है। इधर, भारत में नए वैरिएंट का कोई केस नहीं मिला है। फिर भी सिंगापुर, मॉरीशस समेत 12 देशों से आने वाले यात्रियों की गहन जांच होगी।

इस बीच डब्ल्यूएचओ ने रविवार को दुनिया भर के अन्य देशों से अपील की कि वे ओमिक्रॉन को लेकर चिंता के कारण दक्षिण अफ्रीकी देशों से आने वाली उड़ानों पर प्रतिबंध नहीं लगाएं। अफ्रीका के लिए डब्ल्यूएचओ के क्षेत्रीय निदेशक मात्शिदिसो मोएती ने देशों से यात्रा प्रतिबंधों का उपयोग करने से बचने के लिए विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य नियमों का पालन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “यात्रा प्रतिबंध कोविड-19 के संक्रमण को थोड़ा कम करने में भूमिका निभा सकते हैं, लेकिन इससे लोगों के जीवन और आजीविका पर बहुत प्रभाव पड़ता है।’’

ओमिक्रॉन से संक्रमण के मामले सामने आने के बीच कई देशों ने दक्षिण अफ्रीकी देशों के यात्रियों पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। बी.1.1.529 का पता लगने और उसकी संक्रामकता को लेकर चिंताओं के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन ने रविवार को कहा कि दक्षिण अफ्रीका और दुनियाभर के अनुसंधानकर्ता ओमीक्रोन के कई पहलुओं को बेहतर तरीके से समझने की कोशिश कर रहे हैं और वे इन अनुसंधानों के परिणाम सामने आने के बाद उन्हें साझा करेंगे। डब्ल्यूएचओ ने ओमिक्रॉन को ‘‘चिंताजनक स्वरूप’’ करार दिया है। संगठन ने कहा, ‘‘अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ओमिक्रॉन डेल्टा स्वरूप की अपेक्षा अधिक संक्रामक है या नहीं।’’

उसने कहा कि दक्षिण अफ्रीका में इस स्वरूप से संक्रमित पाए गए लोगों की संख्या बढ़ी है, लेकिन यह समझने के लिए महामारी विज्ञान संबंधी अध्ययन चल रहे हैं कि क्या यह ओमिक्रॉन के कारण है या अन्य कारक इसके लिए जिम्मेदार हैं। संगठन ने कहा कि प्रारंभिक आंकड़ें बताते हैं कि दक्षिण अफ्रीका में लोगों के अस्पताल में भर्ती होने के मामले बढ़ रहे हैं, लेकिन ‘‘इसका कारण ओमिक्रॉन से संक्रमण के बजाए सभी स्वरूपों से संक्रमित लोगों की कुल संख्या में वृद्धि हो सकता है।’’

डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक द्रोस अदहानोम ग्रेबेयेसस ने कहा कि ओमिक्रॉन टीकाकारण को लेकर अन्याय के खतरे को प्रतिबंबित करता है। उन्होंने कहा, ‘‘हम टीकाकरण में समानता लाने में जितनी देरी करेंगे, हम कोविड-19 को उतना ही फैलने, उतने ही स्वरूप बदलने तथा और अधिक खतरनाक बनने की अनुमति देंगे।’’ उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएचओ दुनिया भर के वैज्ञानिकों के साथ काम कर रहा है ताकि ओमिक्रॉन संक्रमण के प्रमुख पहलुओं और इसके प्रभाव को बेहतर ढंग से समझा जा सके।

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