पणजी: रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने सोमवार को कहा कि वन रैंक वन पेंशन (OROP) को लेकर पिछली सरकारों ने केवल बातें कीं। यह केवल राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सरकार है जिसने रक्षाकर्मियों के लिए वास्तव में इस योजना को लागू किया।
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पणजी में राज्य की पहली बहुस्तरीय पार्किंग सुविधा के उद्घाटन से इतर पर्रिकर ने संवाददाताओं कहा, "करीब 20.69 लाख पूर्व सैनिकों को लाभ मिल रहा है। तो, सरकार ने अपना वचन निभाया है और वास्तव में पैसे दिए हैं। अन्य सब ने गत 43 वर्षो से केवल बातें की थीं। यह ऐसी मांग नहीं है जो गत साल या गत आम चुनावों के दौरान की गई थी।"
रक्षा मंत्री ने कहा कि ओआरओपी योजना साल 1970 के दशक से लटकी हुई थी। पिछली किसी सरकार ने इस मुद्दे के हल के लिए कुछ खास नहीं किया।
पर्रिकर ने कहा, "गत 43 वर्षो से किसी ने कुछ नहीं किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार ने इस योजना को लागू किया। इस पर सालाना 7,500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। हमने पहले ही 5500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी कर दी है। हम बकाया देने के साथ-साथ चालू भुगतान भी कर रहे हैं।"