नई दिल्ली: झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रांची इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (रिम्स) में मरीजों के साथ जानवरों जैसा सलूक किए जाने का मामला सामने आया है। बुधवार को आर्थो वार्ड के कॉरिडोर में एक लावारिस महिला मरीज पलमति देवी को किचन स्टाफ ने फर्श पर ही खाना परोस दिया। दरअसल, उसके पास बर्तन नहीं थे।
खींची गई तस्वीर में दिखाई दे रहा है कि मरीज़ पालमती देवी के हाथों पर पट्टियां बंधी हैं, और वह अपना भोजन, यानी दाल, चावल और सब्ज़ियां खा रही हैं, जिन्हें वॉर्डब्वॉय ने फर्श पर परोसा था।
अस्पताल के ऑर्थोपेडिक वॉर्ड में दाखिल पालमती देवी के पास अपनी प्लेट नहीं थी, इसलिए उन्होंने प्लेट मांगी थी, लेकिन अस्पताल के रसोईकर्मियों ने उन्हें बेहद रूखे ढंग से यह कहकर चलता कर दिया कि उनके पास कोई प्लेट नहीं है। गौरतलब है कि इस अस्पताल का सालाना बजट 300 करोड़ रुपये है।
देशभर के अस्पतालों में सुविधाओं के बेहद घटिया स्तर को लेकर जारी बहस जारी है। इससे पहले ओडिशा से भी ऐसी ही झकझोर देने वाली तस्वीर आई थी, जहां कालाहांडी में दाना मांझी नाम के एक आदिवासी व्यक्ति को पत्नी का शव अस्पताल से घर ले जाने के लिए कोई वाहन नहीं मिल पाया। इसके बाद उन्हें अपनी पत्नी का शव कंधे पर लेकर करीब 10 किलोमीटर तक चलना पड़ा था।
माझी के बाद ओडिशा से ही एक और तस्वीर सामने आई थी, जहां स्वास्थ्य केंद्र में एक लाश को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए उसकी हड्डियां तोड़ी गईं, ताकि लाश को छोटा करके उसकी गठरी बनाई जा सक।