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कोरोना वायरस: PM मोदी ने उच्चस्तरीय बैठक में दिए खास निर्देश, 6 से 14 अप्रैल तक विशेष अभियान चलाने को कहा

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Apr 04, 2021 08:07 pm IST,  Updated : Apr 04, 2021 11:42 pm IST

प्रधानमंत्री मोदी ने देश भर में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर रविवार को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की और महामारी के सतत प्रबंधन और सामाजिक जागरूकता बढ़ाने के साथ ही जन भागीदारी और जन आंदोलन जारी रखने की जरूरत पर बल दिया।

Prime Minister Narendra Modi at a high-level meeting to review the COVID related issues and vaccinat- India TV Hindi
Prime Minister Narendra Modi at a high-level meeting to review the COVID related issues and vaccinations happening in the country, in New Delhi on Sunday. Image Source : PTI

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश भर में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर रविवार को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की और महामारी के सतत प्रबंधन और सामाजिक जागरूकता बढ़ाने के साथ ही जन भागीदारी और जन आंदोलन जारी रखने की जरूरत पर बल दिया। संकमण को फैलने से रोकने के लिए उन्होंने टेस्टिंग (जांच), ट्रेसिंग (संपर्कों का पता लगाना), ट्रीटमेंट (उपचार करना), कोविड बचाव संबंधी सावधानियों और टीकाकरण की पांच स्तरीय रणनीति को बेहद गंभीरता तथा प्रतिबद्धता के साथ अपनाने पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को कोविड-19 महामारी के प्रबंधन और टीकाकरण अभियान की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में 6 से 14 अप्रैल के बीच साफ-सफाई और कोविड उपयुक्त व्यवहार को लेकर विशेष जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना के सर्वाधिक खतरे का सामना कर रहे महाराष्ट्र, पंजाब और छत्तीसगढ़ में विशेषज्ञों की टीमें भेजने का भी निर्देश दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना के खतरे को कम करने के लिए जनभागीदारी पर जोर देते हुए इस दिशा में जनांदोलन की जरूरत बताई। मोदी ने कहा, "100 प्रतिशत मास्क का उपयोग, व्यक्तिगत स्वच्छता तथा सार्वजनिक स्थानों और कार्यस्थलों पर सफाई एवं स्वास्थ्य सुविधाओं पर जोर देने के साथ कोविड उपयुक्त व्यवहार के लिए 6 अप्रैल से 14 अप्रैल तक एक विशेष अभियान चलाया जाए।"

इस समीक्षा बैठक में एक प्रस्तुति भी दी गई, जिसके मुताबिक देश में कुल संक्रमित मामलों में 91 प्रतिशत से अधिक की हिस्सेदारी 10 राज्यों की है और इन्हीं राज्यों में कोविड-19 से सर्वाधिक मौतें भी हुई हैं। बैठक में महाराष्ट्र, पंजाब और छत्तीसगढ़ के हालात पर चिंता जताई गई और इसके मद्देनजर प्रधानमंत्री ने इन राज्यों में जन स्वास्थ्य विशेषज्ञों तथा चिकित्सकों की केन्द्रीय टीम भेजने का निर्देश दिया। महाराष्ट्र में अकेले देश में कोविड-19 के कुल मामलों के 57 प्रतिशत मामले हैं और राज्य में दैनिक नए मामलों का आंकड़ा 47,913 तक पहुंच गया है। महाराष्ट्र में इससे पहले जब कोरोना वायरस महामारी चरम पर थी, उसके मुकाबले यह आंकड़ा दोगुने से भी अधिक है।

इस बैठक में कैबिनेट सचिव, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बाद में प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा, ‘‘देश भर में कोविड-19 और इसके खिलाफ जारी टीकाकरण अभियान की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की। इस वैश्विक महामारी से लड़ाई के प्रभावी तरीके के रूप में टेस्टिंग, ट्रेसिंग, ट्रीटमेंट, कोविड से बचाव संबंधी सावधानियों और टीकाकरण की पांच स्तरीय रणनीति के महत्व को दोहराया।’’

बैठक के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि छह अप्रैल से 14 अप्रैल के बीच कोविड-19 महामारी के अनुरूप व्यवहार करने मसलन शत-प्रतिशत मास्क के उपयोग, व्यक्तिगत स्वचछता पर जोर देने के साथ ही कोविड बचाव संबंधी सावधानियों के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। प्रधानमंत्री ने इस समीक्षा बैठक के दौरान आने वाले दिनों में अस्पतालों में बिस्तरों की उपलब्धता, जांच की उचित व्यवस्था और समय रहते मरीजों को अस्पतालों में भर्ती कराना सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कोरोना वायरस से होने वाली मृत्यु दर में हर हालत में कमी लाने और इसके लिए आवश्यक स्वास्थ्य ढांचा बढ़ाने पर भी जोर दिया।

बयान के मुताबिक कोविड मामलों में हुई वृद्धि बचाव संबंधी उपायों के पालन ना करने, खासकर मास्क ना पहनने और दो गज की दूरी के नियम में कोताही के कारण हुई है। कोरोना संबंधी दिशा-निर्देशों के जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन की कमी को भी इसकी एक वजह बताया गया। बैठक में बताया गया कि टीके के उत्पादक अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दे रहे हैं। साथ ही टीकों के संवर्धन के लिए अन्य घरेलू तथा विदेशी कंपनियों के साथ भी चर्चा की जा रही है।

प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से सक्रिय मामलों की खोज तथा निषिद्ध क्षेत्रों के प्रबंधन में सामुदायिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी के अतिरिक्त अन्य उपायों का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने की आवश्यकता रेखांकित की। उन्होंने कहा, ‘‘प्रसार पर काबू पाने के लिए सभी राज्यों को रोग की अधिक संख्या वाले स्थानों में व्यापक प्रतिबंधों के साथ आवश्यक सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।’’

प्रधानमंत्री ने अधिक मामले रिपोर्ट करने वाले राज्यों तथा जिलों में मिशन-मोड दृष्टिकोण के साथ कार्य जारी रखने का निर्देश दिया जिससे कि पिछले 15 महीनों में देश में कोविड-19 प्रबंधन का सामूहिक लाभ व्यर्थ न हो। ज्ञात हो कि रविवार को देशभर में कोरोना वायरस संक्रमण के 93,249 नए मामले सामने आए, जो इस साल एक दिन में आए कोविड-19 के सर्वाधिक मामले हैं। इसके साथ ही देश में संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 1,24,85,509 हो गई है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सुबह आठ बजे तक जारी आंकड़ों के अनुसार, 19 सितंबर के बाद से कोरोना वायरस संक्रमण के एक दिन में सामने आए ये सबसे अधिक मामले हैं। 19 सितंबर को कोविड-19 के 93,337 मामले आए थे। आंकड़ों के मुताबिक, रविवार को महामारी से 513 और लोगों के जान गंवाने से मृतकों की संख्या बढ़कर 1,64,623 हो गई है।

प्रधानमंत्री ने देश के कुछ हिस्सों में कोविड-19 के बढ़ते मामलों पर बुधवार को चिंता जताई थी और इसे फिर से फैलने से रोकने के लिए ‘‘तीव्र एवं निर्णायक’’ कदम उठाने का आह्वान किया। पिछले महीने प्रधानमंत्री ने कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों से डिजिटल माध्यम से संवाद किया था और कहा था कि अगर इस बढ़ती हुई महामारी को यहीं नहीं रोका जाएगा तो देशव्यापी संक्रमण की स्थिति बन सकती है। 

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