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Rafale लड़ाकू विमानों का तीसरा जत्था गुजरात के जामनगर एयरबेस पहुंचा, और बढ़ेगी IAF की ताकत

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jan 27, 2021 09:09 pm IST,  Updated : Jan 27, 2021 09:29 pm IST

भारतीय वायुसेना की ताकत बढ़ाने के लिए 3 और राफेल लड़ाकू विमानों का तीसरा जत्था भारत पहुंच चुका हैं। ये जानकारी भारतीय वायुसेना (आईएएफ) ने ट्वीट करके दी है।

Rafale aircraft third batch of three planes landed Jamnagar Gujarat- India TV Hindi
Rafale aircraft third batch of three planes landed Jamnagar Gujarat Image Source : @IAF_MCC

नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना की ताकत बढ़ाने के लिए 3 और राफेल लड़ाकू विमानों का तीसरा जत्था भारत पहुंच चुका हैं। ये जानकारी भारतीय वायुसेना (आईएएफ) ने ट्वीट करके दी है। बुधवार (27 जनवरी) रात 8:30 बजे फ्रांस से 7 हजार किलोमीटर की दूरी तय करके 3 और राफेल लड़ाकू विमान गुजरात के जामनगर एयर बेस पर पहुंच चुके हैं। सबसे खास बात ये है कि  7 हजार किलोमीटर की दूरी सभी 3 भारतीय वायुसेना के पायलट ने तय की है। IAF यूएई वायु सेना द्वारा प्रदान किए गए टैंकर समर्थन की गहराई से सराहना करता है।

भारत में अब राफेल विमानों की संख्या 11 हुई

इसके साथ ही भारतीय वायुसेना को राफेल विमानों की तीसरी खेप मिल गई है। बता दें कि, इंडियन एयरफोर्स ने सितंबर 2016 में 36 लड़ाकू विमानों के लिए फ्रांस से 59 हजार करोड़ रुपए का सौदा किया था। भारत में अब राफेल विमानों की संख्या 11 हो गई है। 3 राफेल विमानों का दूसरा बैच पिछले साल नवंबर में जामनगर में उतरा था। इसके बाद ये यहां से अंबाला पहुंचे थे। 5 राफेल विमानों का पहला बैच 29 जुलाई को अंबाला एयरबेस पर उतरा था। 

साल 2021 के आखिर तक भारत में राफेल की पूरी खेप पहुंच जाएगी, जिसके तहत भारत को 36 राफेल विमान मिलेंगे। राफेल की एक स्क्वॉड्रन अंबाला में और एक हसीमाड़ा एयरबेस पर तैनात किए जाने की संभावना है।

जानिए राफेल की खासियतें

  1. राफेल में तीन तरह की मिसाइलें होंगी। पहली, हवा से हवा में मार करने वाली मीटियोर मिसाइल। दूसरी, हवा से जमीन में मार करने वाल स्कैल्प मिसाइल और तीसरी है हैमर मिसाइल।
  2. ये लड़ाकू विमान जमीन और समुद्र से वार करने के अलावा परमाणु हमले में सक्षम हैं। ये अपने साथ 10 टन हथियार ले जा सकते हैं।
  3. गौरतलब है कि रूसी सुखोई Su-30MKI विमानों के जून 1997 में भारत आने के बाद 23 साल में पहली बार भारत ने विदेशों से लड़ाकू विमानों की खरीद की है। 
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