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राफेल डील पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद राहुल गांधी कर रहे हैं JPC जांच की मांग

 Written By: Bhasha
 Published : Nov 14, 2019 04:53 pm IST,  Updated : Nov 14, 2019 04:59 pm IST

राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जोसेफ ने RAFALE घोटाले की जांच का एक बड़ा दरवाजा खोल दिया है। अब पूरी ईमानदारी के साथ जांच शुरू होनी चाहिए।

Rahul Gandhi on Rafale- India TV Hindi
 Rahul Gandhi tweets - A Joint Parliamentary Committee (JPC) must also be set up to probe this scam.  Image Source : PTI

नई दिल्ली। राफेल मामले में उच्च न्यायालय द्वारा पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज किए जाने के बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि शीर्ष अदालत के निर्णय से ही इस ‘घोटाले’ की जांच के लिए बड़ी गुंजाइश पैदा हुई है और ऐसे में जांच के लिए अब संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) का गठन होना चाहिए।

उन्होंने ट्वीट किया कि उच्चतम न्यायालय के न्यायमूर्ति जोसेफ ने जो कहा है उससे ‘‘राफेल घोटाले’’ की जांच के लिए बड़ी गुंजाइश पैदा हुई है। उन्होंने कहा, ‘‘इस मामले की पूरी तरह जांच शुरू होनी चाहिए। इस घोटाले की जांच के लिए जेपीसी गठित की जाए।’’

उल्लेखनीय है कि उच्चतम न्यायालय ने राफेल लड़ाकू विमान सौदे मामले में नरेंद्र मोदी सरकार को बृहस्पतिवार को क्लीन चिट देते हुए कहा कि पुनर्विचार याचिकाएं सुनवायी योग्य नहीं हैं। न्यायालय ने अपने 14 दिसंबर 2018 के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया।

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, ‘‘हमने पाया कि पुनर्विचार याचिकाएं सुनवायी योग्य नहीं हैं।’’ उच्चतम न्यायालय ने राफेल सौदे के संबंध में टिप्पणियों के लिए राहुल गांधी के खिलाफ अवमानना याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि उन्हें भविष्य में सावधान रहना चाहिए ।

प्रधानमंत्री की छवि बिगाड़ने के लिए लगाए थे ‘राफेल’ में आरोप, माफी मांगे कांग्रेस: राजनाथ

राफेल मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज किये जाने के बाद कांग्रेस पर निशाना साधते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि खराब करने के लिए भ्रष्टाचार के आरोप लगाये गये और इसके लिए कांग्रेस को माफी मांगनी चाहिए।

उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को राफेल लड़ाकू विमान सौदे के मामले में नरेंद्र मोदी सरकार को क्लीनचिट दे दी। शीर्ष अदालत ने 14 दिसंबर, 2018 के फैसले पर पुनर्विचार की मांग वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि 36 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद में निर्णय लेने की प्रक्रिया में संदेह का कोई कारण नहीं है।

अरुणाचल प्रदेश के तवांग में मैत्री दिवस समारोह में शामिल होते हुए सिंह ने कहा, ‘‘राफेल सौदे में भ्रष्टाचार के आरोप केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार की साफ-सुथरी और ईमानदार छवि को खराब करने की कोशिश है। भारत की जनता कांग्रेस के निंदा अभियान तथा आक्षेपों के लिए उन्हें माफ नहीं करेगी। कांग्रेस को लोगों को गुमराह करने के लिए माफी मांगनी चाहिए।’’

रक्षा मंत्री ने कहा, ‘‘कुछ राजनीतिक दलों और उनके नेताओं द्वारा राफेल विमान खरीद सौदे में लगाये गये आरोप अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, अवांछित और दुर्भावना से भरे थे। शीर्ष अदालत के फैसले ने अंतत: ऐसे नेताओं को उल्टे सीधे आरोप लगाते समय सावधानी बरतने के लिए चेताया है।’’

उन्होंने कहा कि राफेल विमानों को पूरी तरह पारदर्शी तरीके से खरीदा गया और इसमें भारत की रक्षा संबंधी तैयारियों को उन्नत करने की तत्काल आवश्यकता को ध्यान में रखा गया। उन्होंने कहा, ‘‘रक्षा तैयारियों और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर कभी राजनीति नहीं होनी चाहिए। मैं राफेल मामले में पुनर्विचार याचिकाओं को स्पष्ट तौर पर खारिज करने के उच्चतम न्यायालय के फैसले का तहेदिल से स्वागत करता हूं और इस फैसले के साथ ही राजग सरकार का रुख साबित हो जाता है। शीर्ष अदालत का फैसला निर्णय लेने में हमारी सरकार की पारदर्शिता पर भी फैसला है।’’ (भाषा)

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