नई दिल्ली: हिंगोनिया गोशाला मसले पर राजस्थान हाई कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए सरकार को सुझाव दिया है कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए। कोर्ट ने इसके साथ ही यह भी सुझाव दिया कि गोवध पर सजा को बढ़ाना चाहिए और यह सजा उम्रकैद तक होनी चाहिए। अभी राज्य में यह सजा तीन साल है। दरअसल जयपुर के पास स्थित हिंगोनिया गोशाला के लचर प्रबंधन के खिलाफ एक याचिका दायर की गई थी। उसमें इस गोशाला की दुर्दशा पर सवाल उठाए गए थे। वहां के कुप्रबंधन के खिलाफ की गई याचिका पर कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए यह टिप्पणियां की। ये भी पढ़ें: इस ब्लड ग्रुप के लोग हैं एलियंस, कहीं आप भी तो उनमें से एक नहीं
राजस्थान हाईकोर्ट ने उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह से उत्तराखंड में गंगा को सजीव मानव का दर्जा दिया गया है उसी तरह गाय तो एक जीवित पशु है जिसके दूध से लेकर हर तरह के प्रोडक्ट्स लोगों के जीवनदायी है। हर वेद में गाय को पवित्र माना गया है। ऐेसे में गाय को लीगल स्टेटस दिया जाना चाहिए।
बता दें कि पिछले साल अगस्त महीने में राज्य की राजधानी जयपुर से मात्र 35 किमी दूर हिंगोनिया गौशाला से 500 गायों के मरने की खबर आई थी। इससे वसुंधरा सरकार की काफी किरकिरी हुई थी।
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