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रमा देवी ने आजम खान के मुद्दे पर अखिलेश को कहा -‘उनके मुंह में जुबान-आप न बोलें’

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jul 29, 2019 12:33 pm IST,  Updated : Jul 29, 2019 01:36 pm IST

सोमवार को संसद में आजम खान की माफी के मुद्दे पर संसद में जमकर हंगामा हुआ, आजम खान ने पहले माफी मांगी तो भाजपा सांसद रमा देवी फिर से सदन में खड़े होकर कहने लगीं कि आजम खान की आदत बिगड़ी हुई है

Rama Devi targets Akhilesh Yadav on Azam Khan issue on Lok Sabha on Monday- India TV Hindi
Rama Devi targets Akhilesh Yadav on Azam Khan issue on Lok Sabha on Monday Image Source : INDIA TV

नई दिल्ली। सोमवार को संसद में आजम खान की माफी के मुद्दे पर संसद में जमकर हंगामा हुआ, आजम खान ने पहले माफी मांगी तो भाजपा सांसद रमा देवी फिर से सदन में खड़े होकर कहने लगीं कि आजम खान की आदत बिगड़ी हुई है, इस बीच समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव आजम खान के बचाव के लिए खड़े हुए तो रमा देवी ने उनपर निशाना साधते हुए कहा ‘’अखिलेश जी उनके मुंह में जुबान है, आप क्यों बोल रहे हैं, आप उसका सपोर्ट क्यों कर रहे हैं, खबरदार।’’

आजम खान की माफी के बाद रमा देवी सदन में खड़ी होकर बोलने लगीं तो अध्यक्ष ने उन्हें बोलने की इजाजत दी, रमान देवी ने कहा ‘’अध्यक्ष जी, इनको कौन आदेश दे रहा है बोलने के लिए, मैं कहना चाहती हूं कि सदन में सदस्य आजम खान ने जो बोला, उसे पूरे हिंदुस्तान की महिला और पुरुषों को तखलीफ पहुंचा है, और इतना तखलीफ पहुंचा है कि इसका महत्व इनको समझ नहीं आएगा, क्योंकि ये बाहर भी ऐसा बोलते रहते हैं, इनकी आदत बिगड़ी हुई है, जरूरत से ज्यादा बिगड़ी हुई है...... अखिलेश जी उनके मुंह में जुबान है, आप क्यों बोल रहे हैं, आप उसका सपोर्ट क्यों कर रहे हैं, खबरदार.....। आजम खान की आदत सुधरनी चाहिए,.... ऐसा नहीं कि आजम खान जो मन करे वो बोल दे, इस तरह की बात मैं सुनने के लिए यहां नहीं आई हूं, अध्यक्ष की बात मानते हुए जो आदेश हो हम उसका पालन करने के लिए यहां खड़े हुए हैं।‘’

इसपर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा ‘’यह सदन सबका है और सबकी सहमति से चलता है, यह आसन भी आपका है और इस आसन की प्रतिष्ठा बनाना भी आपका दायित्व है, मेरा आप सभी से आग्रह है कि हम जब कभी बात करें तो चेयर की तरफ बात करें, आपस में संवाद न करें इस सदन में, आपको कोई बात कहनी है, आपका सदन है, लोकतंत्र है, सबको इसमें कहने का अधिकार है, इसमें आप चुनकर आए हैं, लेकिन कोई ऐसा शब्द जिससे संसद की छवि खराब हो ऐसा कृत्य करने का प्रयास नहीं करना चाहिए, कोशिश होनी चाहिए कि किस तरह से सदन और सभापति पीठ की प्रतिष्ठा को बनाए रख सकें, मेरा दायित्व बनता है कि सभी सदस्यों का संरक्षण करूं, माननीय सदस्य ने जो क्षमा मांगी वह सभी दलों ने जो निर्णय किया उसके हिसाब से। भविष्य में कोई माननीय सदस्य ऐसा न करे ऐसा प्रयास करना चाहिए।‘’

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