नई दिल्ली: शहर की एक अदालत ने पत्नी द्वारा पति के खिलाफ घरेलू हिंसा का मामला दर्ज कराने के बाद उनकी दो बच्चियों के लिये 40,000 रुपये महीने के गुजारा भत्ते को दिल्ली जैसे महानगर में सही बताया है। पिता ने अदालत से गुजारा भत्ता राशि कम करने का अनुरोध किया था।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश लोकेश कुमार शर्मा ने मजिस्ट्रेट अदालत के अपनी दो बेटियों के लिये अंतरिम गुजारा भत्ता देने के आदेश के खिलाफ व्यक्ति की याचिका खारिज कर दी। इस व्यक्ति पर अपनी पत्नी से क्रूर व्यवहार करने का अरोप है।
अदालत ने कहा, मेट्रोपॉलिटिन मजिस्ट्रेट द्वारा पारित आदेश और पक्षों की वित्तीय और आर्थिक हैसियत देखने के बाद नाबालिग बेटियों के पक्ष में दिया गया गुजारा भत्ता मुझे ज्यादा नहीं लगता खासतौर पर दिल्ली जैसे शहर में।
अदालत ने बेटियों के लिये दिये जाने वाले गुजाराभत्ते को कम करने की याचिका खारिज कर दी।