नयी दिल्ली: कावेरी जल बंटवारे को लेकर चल रहे विवाद के बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती से मुलाकात की और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार तमिलनाडु के लिए पानी छोड़ने में पेश आ रही मुश्किल के बारे में बताया।
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सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों कर्नाटक को आदेश दिया था कि वह 21 सितम्बर से 27 सितम्बर के दौरान कावेरी नदी से तमिलनाडु के लए 6,000 क्यूसेक पानी रोजाना छोड़े। इस आदेश के बाद दोनों राज्यों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए।
उमा भारती के साथ अपनी मुलाकात में सिद्धरमैया ने राज्य के चार जलाशयों मैं जल स्तर के कम होने के कारण पैदा हुए गंभीर हालात के बारे में उनको जानकारी दी।
एक अधिकारिक सूत्र ने बताया, मुख्यमंत्री ने उमा भारती को यह भी सूचित किया कि उच्चतम न्यायालय का आदेश राज्य के लिए अनुचित है तथा केंद्र को गंभीर हालात को ध्यान में रखते हुए भविष्य की नीतियां बनानी चाहिए।
कावेरी नदी के जल बंटवारे को लेकर चल इस विवाद के बीच कल से कर्नाटक में विधानमंडल का सत्र शुरू हो रहा है जिसमें उच्चतम न्यायालय के आदेश पर चर्चा होगी।
उमा से मुलाकात के बाद सिद्धरमैया ने कहा, पानी छोड़ना हमारे के लिए मुश्किल हो रहा है। हम उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुसार 14 दिनों के लिए 12,000 क्यूसेक पानी छोड़ सके हैं। हमारे जलाशयों में पानी नहीं है।