चण्डीगढ़ः हरियाणा सरकार भले ही दावा करे कि राज्य तेज रफ्तार वाले राजमार्गो के लिहाज से विकास की राह पर है लेकिन जमीनी सच्चाई काफी अलग और उबड़खाबड़ है। अब अधिकारी राज्य से गुजरने वाले मार्गो पर बढ़ते अवैध स्पीड ब्रेकरों की सच्चाई जानना चाहते हैं।
ऐसे में जबकि राजमार्गो पर बढ़ते अवैध स्पीड ब्रेकरों को लेकर काफी संख्या में शिकायत सरकारी अधिकारियों तक पहुंची है, मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार उन्हें हटाना चाहती है।
बीते कुछ सालों में राज्य से गुजरने वाले राष्ट्रीय महामार्गो और राजमार्गो तथा अन्य सड़कों पर सैकड़ों की संख्या में अवैध स्पीड ब्रेकर बनाए गए हैं। इनमें से अधिकांश स्पीड ब्रेकर स्थानीय निवासियों और पंचायतों ने बनाए हैं। कारण, इन पर से गुजरने वाले वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकना है।
हरियाणा के परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पवार अवैध स्पीड ब्रेकरों से होने वाली दुर्घटनाओं और वाहनों के क्षतिग्रस्त होने की घटनाओं से चिंचित हैं और इसी कारण उन्होंने भारतीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को ऐसे सभी स्पीड ब्रेकरों को हटाने का निर्देश दिया है।
हिसार स्थित व्यापारी सुरेश गुप्ता ने कहा, "अवैध स्पीड ब्रेकरों पर कोई रोक नहीं है। सालों से ऐसे ब्रेकर बनते आ रहे हैं। इनकी संख्या सैकड़ों में है और ये वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बन चुके हैं।"
गुप्ता की होंडा सिटी कार ऐसी ही एक स्पीड ब्रेकर की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गई है। गुप्ता ने कहा, "ऐसे स्पीड ब्रेकर न सिर्फ दुर्घटना का कारण बनते हैं बल्कि वाहनों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। इन स्पीड ब्रेकर की जानकारी वाहन चालकों को नहीं होती क्योंकि इनका निर्माण तकनीकी मानकों के आधार पर नहीं होता।"
हरियाणा से गुजरने वाले राजमार्गो का उपयोग करने वाले लोगों की शिकायत है कि यहां की सरकारों ने इस समस्या पर कभी ध्यान दिया ही नहीं।
सिरसा के एक कालेज छात्र अभिमन्यु कहते हैं, "हाइवे बिना रुकावट वाहन चलाने के लिए होते है। हरियाणा के कई इलाकों में आप 10 किलोमीटर में ही कई स्पीड ब्रेकर पाएंगे।" अधिकारियों का कहना है कि वे राजनीतिक कारणों से इस मामले में कोई कार्रवाई न करने पर बाध्य हैं।
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