1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. आलोचना के खिलाफ मानहानि कानून का उपयोग न करे सरकार: SC

आलोचना के खिलाफ मानहानि कानून का उपयोग न करे सरकार: SC

 Written By: India TV News Desk
 Published : Jul 28, 2016 08:23 pm IST,  Updated : Jul 28, 2016 08:23 pm IST

सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार को कहा कि मानहानि कानून का उपयोग सरकार द्वारा आलोचना को दबाने के लिए नहीं किया जा सकता।

supreme court- India TV Hindi
supreme court

नई दिल्ली: सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार को कहा कि मानहानि कानून का उपयोग सरकार द्वारा आलोचना को दबाने के लिए नहीं किया जा सकता। तमिलनाडु की जे. जयललिता सरकार द्वारा अपने आलोचकों के खिलाफ दायर किए गए मानहानि के मामलों के संदर्भ में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि यह कार्रवाई अभिव्यक्ति की आजादी पर लगाम लगाने वाली है। न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहिंटन फलीमन की पीठ ने कहा कि सांसदों-विधायकों और सरकार की नीतियों के आलोचकों के खिलाफ दायर किए गए इस तरह के मानहानि के मामलों का 'बहुत ही भयावह असर' होता है।

न्यायालय ने कहा, "यह अभिव्यक्ति की आजादी को बाधित करने वाला है। आलोचना को बर्दाश्त किया जाना चाहिए। मानहानि कानून का उपयोग राजनीतिक पलटवार करने के हथियार के रूप में नहीं किया जा सकता। सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप हो या ऐसा कहना कि कोई व्यक्ति सरकार चलाने के योग्य नहीं है, इस पर आप मानहानि का दावा नहीं कर देंगे।"

न्यायालय ने डीएमडीके नेता विजयकांत और उनकी पत्नी प्रेमलता के खिलाफ तमिलनाडु में तिरुपुर की अदालत की ओर से जारी गैर-जमानती वारंट पर रोक लगा दिया। तिरुपुर की अदालत ने मार्च में मानहानि के एक मामले में अदालत के समक्ष पेश नहीं होने पर दंपति के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। साथ ही न्यायालय ने जयललिता की ओर से अपने आलोचकों के खिलाफ दायर मानहानि के मामलों की सूची मांगी है।

गौरतलब है कि सर्वोच्च न्यायालय ने 13 मई, 2016 को दिए अपने फैसले में आपराधिक मानहानि के लिए दंडात्मक प्रावधानों की सांविधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया था। तमिलनाडु सरकार की आलोचना करने के लिए विजयकांत के खिलाफ मानहानि के 14 मामले चल रहे हैं।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत