नई दिल्ली: सऊदी अरब में भूंखे प्यासे फंसे लाखों भारतीयों की सुरक्षा को लेकर केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने राज्यसभा में उनकी सुरक्षित वापसी का भरोसा दिलाया है। सरकार ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि वहां कोई भी भारतीय भूखा नहीं रहेगा तथा उन सब को सुरक्षित वापस लाया जाएगा। सुषमा स्वराज ने राज्यसभा में शून्यकाल में सदस्यों द्वारा यह मुद्दा उठाए जाने पर यह आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि फंसे लोगों को वापस लाने के अभियान पर नजर रखने के लिए विदेश राज्य मंत्री वी के सिंह को सउदी अरब भेजा जा रहा है। विदेश मंत्री ने कहा कि सरकार ने इस मामले को बहुत गंभीरता से लिया है। उन्हें परसों इस संबंध में जानकारी मिली और रियाद तथा जेद्दाह स्थित भारतीय मिशनों से संपर्क कर पांच शिविरों में रह रहे इन हजारों भारतीयों को मुफ्त राशन मुहैया कराने को कहा गया। दूतावास अधिकारियों को हर घंटे इस मामले की रिपोर्ट देने को कहा गया।
उन्होंने बताया कि पांचों शिविरों में पूरा भोजन मुहैया कराया गया है और साथ ही हफ्ते भर का राशन दिया गया है। विदेश मंत्री ने कहा कि केवल भोजन मुहैया कराने से ही काम खत्म नहीं हो जाता है। ये भारतीय जिन कंपनियों में वहां काम करते थे वे बंद हो चुकी हैं और उनके नियोक्ता सउदी अरब छोड़कर जा चुके हैं। सुषमा ने बताया कि भारत सरकार ने सउदी अरब के श्रम और विदेश विभाग से इन भारतीयों को आपात वीजा जारी कर स्वदेश भेजे जाने की अपील की थी लेकिन वहां के कानून के अनुसार इसके लिए इन भारतीयों को नियोक्ता कंपनियों से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना पड़ेगा, लेकिन कंपनियां तो पहले ही देश छोड़कर जा चुकी हैं और इन भारतीयों का काफी वेतन भी बकाया है।
विदेश मंत्री ने कहा कि ऐसी स्थिति में वहां फंसे भारतीयों को निकालने के लिए एक कांट्रेक्ट पर हस्ताक्षर करने की बात कही गई है जिसके अनुसार सउदी अरब सरकार जब भी इन कंपनियों के साथ मामले को निपटाए तो भारतीयों का बकाया वेतन पहले दिया जाए। सुषमा ने आश्वासन दिया कि हम इन भारतीयों को स्वदेश वापस लेकर आएंगे। हमारा एक भी श्रमिक भूखा नहीं रहेगा। सबको सकुशल वापस लाएंगे। इसके पहले जदयू के अली अनवर, सपा के नरेश अग्रवाल, कांग्रेस के राजीव शुक्ला आदि ने सउदी अरब में फंसे भारतीय श्रमिकों का मुद्दा उठाते हुए सरकार से प्रभावी कदम उठाने की मांग की। उपसभापति पी जे कुरियन ने विदेश मंत्री द्वारा उठाए गए कदमों की प्रशंसा करते हुए कहा कि आपने सराहनीय कार्य किया है।