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TMC सांसदों ने राष्ट्रपति से मुलाकात की, नोटबंदी को बताया ‘सुपर आपातकाल’

 Written By: Bhasha
 Published : Jan 11, 2017 06:39 pm IST,  Updated : Jan 11, 2017 06:39 pm IST

नई दिल्ली: नोटबंदी के बाद से तीसरी बार राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात करते हुए तृणमूल कांग्रेस सांसदों ने आरोप लगाया कि बड़े नोटों को अमान्य करने और इसका विरोध करने पर दुर्भावना की राजनीति

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नई दिल्ली: नोटबंदी के बाद से तीसरी बार राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात करते हुए तृणमूल कांग्रेस सांसदों ने आरोप लगाया कि बड़े नोटों को अमान्य करने और इसका विरोध करने पर दुर्भावना की राजनीति के तहत पार्टी के दो सांसदों को गिरफ्तार करके मोदी सरकार ने सुपर आपातकाल थोपने का काम किया है।

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नोटबंदी के विरोध में साउथ एवन्यू से राष्ट्रपति भवन तक मार्च करने के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए तृणमूल सांसदों ने नोटबंदी के कथित फैसले के कारण 120 लोगों की मौत के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जिम्मेदार ठहराया और स्थिति खराब होने को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी से हस्तक्षेप करने की मांग की।

तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद डेरेक ओब्रायन ने कहा, गंभीर स्थिति को रेखांकित करने के बाद हमने सबसे पहले इसे वित्तीय आपातकाल कहा था। आज हम मानते हैं कि यह अब सुपर आपातकाल हो गया है और इसलिए इस बात को राष्ट्रपति के साथ साझा किया।

रोजवैली चिटफंड घोटाला मामले में तृणमूल सांसद सुदीप बंदोपाध्याय और तापस पाल की गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, क्योंकि आप जानते हैं कि क्या हो रहा है... ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस ने इस कदम (नोटबंदी) और इसके कारण होने वाली पीड़ा को लेकर विरोध किया था। जो कुछ भी हो रहा है, उसके समय को देखते हुए यह राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित होकर किया जा रहा है। इस तरह से राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित होकर काम करने की स्थिति देश में पहले कभी नहीं देखी गई।

50 दिनों में लोगों की परेशानियां कम होने की मोदी की घोषणा पर प्रहार करते हुए ओब्रायन ने कहा कि इसकी बजाए स्थिति और खराब हुई है और 25 करोड़ दैनिक मजदूर प्रभावित हो रहे हैं। डेरेक ओब्रायन ने दावा किया कि लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों के क्षेत्र में रोजगार में 35 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है और इसके कारण मछुआरे, किसान, घरेलू महिलाएं, छात्र, खुदरा कारोबारी सबसे अधिक प्रभवित हुए हैं।

उन्होंने कहा कि इस कदम के बाद से 120 मौतें हुई हैं और इसके लिए हम प्रधानमंत्री को जिम्मेदारर ठहराते हैं। बंदोपाध्याय और पाल की गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए ओब्रायन ने कहा कि मोदी सरकार, ममता बनर्जी की पार्टी के नेताओं को निशाना बना रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा के इस गंदे तरीके से तृणमूल कांग्रेस बिल्कुल भयभीत नहीं है और इससे राजनीतिक तौर पर निपटेगी।

सीबीआई पर बंदोपाध्याय को साजिश के तहत गिरफ्तार करने का आरोप लगाते हुए पार्टी के एक अन्य सांसद सौगत राय ने केंद्र के खिलाफ ममता के उन आरोपों को दोहराया कि जांच एजेंसी को केंद्र ने कान्सपिरेसी ब्यूरो आफ इंडिया के रूप में बदल दिया है। तृणमूल नेताओं को साजिश के तहत गिरफ्तार किया जा रहा है क्योंकि उन्होंने नोटबंदी के खिलाफ आवाज उठाई ।

राष्ट्रपति से मुलाकात करने वाले तृणमूल कांग्रेस के 30 सदस्यीय शिष्टमंडल में अन्य लोगों के अलावा सांसद सुखेन्दु शेखर राय, डोला सेन, मुकुल राय, दिनेश त्रिवेदी, अर्पिता घोष, काकोली घोष दस्तीदार, शिशिर अधिकारी आदि शामिल हैं। तृणमूल कांग्रेस के ज्ञापन में मोदी सरकार पर आरोप लगाया गया है कि वह अपनी अक्षमता और नाकामियों को छिपाने के लिए दुर्भावना से प्रेरित राजनीति कर रही है।

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