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गेहूं की कटाई के लिए धरना खत्म कर 169 दिन बाद घर लौटे किसान, ट्रेन सेवा शुरू

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Mar 12, 2021 09:58 am IST,  Updated : Mar 12, 2021 09:58 am IST

उप आयुक्त गुरदीप खेड़ा ने बताया कि किसानों ने कुछ समय के लिए जंडियाला गुरू रेलवे स्टेशन पर धरना समाप्त कर दिया है जिसके बाद यात्री रेल सेवाएं बहाल हो सकी हैं।

Train services resume in Amritsar after farm union...- India TV Hindi
Train services resume in Amritsar after farm union yesterday suspended 169-day long dharna ahead of wheat harvest season  Image Source : ANI

अमृतसर। किसान कानूनों के विरोध में धरने पर बैठे किसानों ने पंजाब के अमृतसर में 169 दिन बाद धरना खत्म कर दिया है। किसान गेहूं कटाई के लिए वापस अपने घरों को लौट गए हैं और रेलवे ट्रैक से उठ गए हैं। रेलवे ट्रैक से किसानों की वापसी के बाद एक बार फिर से अमृतसर से रेल सेवाएं बहार हो गई हैं। उप आयुक्त गुरदीप खेड़ा ने बताया कि किसानों ने कुछ समय के लिए जंडियाला गुरू रेलवे स्टेशन पर धरना समाप्त कर दिया है जिसके बाद यात्री रेल सेवाएं बहाल हो सकी हैं। 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, किसानों ने अपना आंदोलन इसलिए समाप्त किया क्योंकि रेलगाड़ियों का परिचालन स्थगित होने से उन्हें और व्यापारियों को नुकसान हो रहा था। धरना खत्म करने का यह फैसला तब लिया गया है जब कुछ किसान संगठनों ने एक दिन पहले ही 26 मार्च को भारत बंद करने का आह्वान किया है। अधिकारियों ने कहा कि किसानों के यहां आंदोलन समाप्त करने के साथ ही रेलगाड़ियों की सामान्य आवाजाही कुछ दिनों में शुरू कर दी जाएगी।

‘किसान मजदूर संघर्ष समिति’ के नेता सविंदर सिंह ने कहा कि उन्होंने सभी प्रदर्शनकारी किसान संगठनों के साथ बैठक के बाद अमृतसर-दिल्ली मार्ग पर देवीदासपुरा में रेल जाम खत्म करने का निर्णय किया। जंडियाला स्टेशन के पास देवीदासपुरा, अमृतसर रेलवे स्टेशन से करीब 25 किलोमीटर दूर है। सविंदर सिंह ने कहा, ‘किसान केवल यात्री गाड़ियों को रोक रहे थे, लेकिन केंद्र ने मालगाड़ियों को भी रोकने का फैसला किया जिससे किसानों, व्यवसायियों और उद्योगपतियों को काफी नुकसान हुआ। वर्तमान परिस्थितियों में किसानों ने सर्वसम्मति से यहां आंदोलन समाप्त करने का फैसला किया।’ 

इस बीच कुछ किसान संघों ने केन्द्र सरकार के 3 नए कृषि कानूनों के खिलाफ 26 मार्च को अपने आंदोलन के चार महीने पूरे होने के मौके पर भारत बंद का आह्वान किया है। किसान नेता बूटा सिंह बुर्जगिल ने बुधवार को सिंघू बॉर्डर पर कहा कि किसान और ट्रेड यूनियन मिलकर 15 मार्च को पेट्रोल-डीजल के दामों में वृद्धि और रेलवे के निजीकरण के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा, ‘डीजल, पेट्रोल और एलपीजी की बढ़ती कीमतों के खिलाफ जिलाधिकारियों को ज्ञापन दिए जाएंगे। निजीकरण के खिलाफ समूचे देश में रेलवे स्टेशनों पर प्रदर्शन किए जाएंगे। हम 26 मार्च को अपने आंदोलन के चार महीने पूरे होने के मौके पर पूर्ण रूप से भारत बंद करेंगे। शांतिपूर्ण बंद सुबह से शाम तक प्रभावी रहेगा।’

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