नई दिल्ली: भूमाता ब्रिगेड की अध्यक्ष तृप्ति देसाई ने कड़ी सुरक्षा के बीच हाजी अली दरगाह में प्रवेश कर लिया है। आज सुबह ही तृप्ति देसाई ने मुंबई की प्रसिद्ध हाजी अली की दरगाह में प्रवेश किया। उन्होंने न सिर्फ दरगाह में प्रवेश किया, बल्कि उन्होंने मजार पर मत्था भी टेका। वह वहां तक गईं जहां तक महिलाओं को जाने और इबादत करने की अनुमति है।
उन्होंने बताया कि उन्होंने दरगाह के अंदर तक महिलाओं के जाने के लिए मन्नत मांगी। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर दरगाह ट्रस्ट 15 दिनों के अंदर महिलाओं को वहां तक जाने की इजाजत नहीं देता है जहां तक पुरुष जाते हैं, तो वे लोग विरोध प्रदर्शन करेंगी।
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अभी उन्होंने कुछ समय पहले ही ऐलान किया था कि वो बिना किसी को जानकारी दिए चुपचाप हाजी अलगी दरगाह में प्रवेश करेंगी और वो अपने वादे को पूरा करने में सफल भी हो गई।
तृप्ति देसाई ने यह भी कहा था कि '28 अप्रैल को जब उन्होंने आंदोलन किया तो सबको बताकर किया। उम्मीद यह थी कि हमारा प्रवेश आसान हो, लेकिन परिणाम बिलकुल उलट हुआ। लोगों ने हमें नहीं जाने दिया। पुलिस ने भी सहयोग नहीं दिया। ऐसे में अब हम छापामार तरीके से आंदोलन करेंगे और दरगाह में दर्शन के लिए जाएंगे। इसकी सूचना केवल पुलिस को देंगे और किसी को नहीं।
भूमाता ब्रिगेड की सदस्यों के मुताबिक सभी धर्मों में महिलाओं को पूजा पाठ और इबादत का समान अधिकार मिलना चाहिए और इसके लिए भूमाता ब्रिगेड काफी अर्से से एक मुहिम छेड़े हुए है। पहले शनि शिंगणापुर और फिर त्रयंबकेश्वर मंदिर और कोल्हापुर के महालक्ष्मी मंदिर में सफल एंट्री के बाद उनका अगला टागरेट हाजी अली दरगाह ही था, जिसमें वो सफल हो गई हैं।