उत्तरी कश्मीर के उरी शहर में रविवार की सुबह साढ़े पांच बजे हुए हमले में एक बड़ा ख़ुलासा हुआ है। मारे गए आतंकी सिपाह-ए- सबा ग्रुप के थे। ये ग्रुप मसूद अज़हर को रिपोर्ट करता है जो जैश ए-मोहम्मद का चीफ है। इनके पास से पश्तो भाषा में नक्शा भी मिला है।
मिशन प्लान में उरी आर्मी कैंप का नक्शा बना हुआ था। नक्शे में कैंप के मेडिकल यूनिट, प्रशासनिक भवन और ऑफिसर्स मेस तक की जानकारी दर्ज होने की बात कही जा रही है।
सैन्य कार्रवाइयों के जानकारों के मुताबिक इस हमले में प्रतिबंधित आतंकवादी समूह सिपाह-ए-साहबा पाकिस्तान (एसएसपी) का हाथ हो सकता है। हाल ही में जैश की मदद से बना यह समूह खुद को 'गार्जियंस ऑफ द प्रोफेट' के नाम से पुकारा जाने पर यकीन करता है. यह दस्ता सीधे जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर के आदेशों पर काम करता है। तालिबान के इशारों पर काम करने वाले सुन्नी मुसलमानों के समूह पाकिस्तानी देवबंद से जुड़े एसएसपी के बारे में अजहर सार्वजनिक तौर पर कई बार अपने रिश्ते जाहिर कर चुका है।
आपको बता दें कि रविवार तड़के आधार शिविर (आर्मी बेस) पर इस आतंकी हमले में सेना के 17 जवान शहीद हुए हैं और 25 अन्य घायल हुए हैं। गायलों में पांच की हलत गंभीर बताई जा रही है। हमले के समय जवान सो रहे थे।
जम्मू-कश्मीर में करीब 25 साल से जारी आतंकवाद के दौरान सेना पर यह सबसे घातक हमला है। लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) के नजदीक उड़ी सेक्टर में स्थित इस आर्मी बेस में आतंकी पीओके के रास्ते सुबह करीब पांच बजे के आसपास घुसे और फिर ताबड़तोड़ ग्रेनेड फेंके जिससे कुछ बैरकों में आग लग गयी। बैरक में आग लगने से एक तंबू में सो रहे डोगरा व बिहार रेजिमेंट के 20 जवान जिंदा जल गये।