कहते हैं कि जाको राखिये साइयां मार सके न कोय...ये कहावत झारखंड के रामगढ़ में तब एकदम सही साबित हुई जब एक महिला उफनती बाढ़ में तिनके की तरह बह निकली लेकिन फिर भी उसकी जान बच गई। सैलाब ऐसा था कि उसके बचने की न के बराबर थी।
सैलाब में बहती महिला को बचाने आया युवक
रामगढ़ की भैरवी नदी में सैलाब आया हुआ है लेकिन लोग जान जोखिम में डालकर भैरवी नदी पार कर रहे थे। इसी दौरान एक महिला का हाथ अपने परिवालवालों से छूट गया। महिला नदी में बहने लगी। परिवार वालों ने महिला को बचाने की कोशिश की लेकिन महिला नदी के तेज धार में बहती चली गई। पानी का बहाव इतना तेज था कि महिला को बचाने की हिम्मत किसी ने नहीं की। लेकिल इसी बीच अचानक एक शख्स नदी में उतरा और उसने महिला को बचाने की कोशिश की वह नाकाम रहा। फिर चार चार युवक नदी में उतरे और सैलाब में बह रही महिला को बचा लिया..
पांच दिन पहले इसी नदी को पार करते चार कांवडिए बह गए थे...जिसमें तीन को बचाया गया जबकि एक की मौत हो गई थी..