कोलकाता: पश्चिम बंगाल के बर्दवान जिले में हुगली नदी में नाव पलटने के बाद कम से कम 12 लोग लापता हैं। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि तलाशी अभियान के दौरान एक महिला का शव निकाला गया, लेकिन अभी यह बता पाना मुश्किल है कि महिला नाव पर सवार थी या नहीं। नाव में क्षमता से कहीं अधिक लोग सवार थे।
घटना शनिवार देर रात की है। नाव बर्दवान जिले के कालना से नदिया जिले के शांतिपुर की ओर जा रही थी, तभी कालना के पास यह दुर्घटना घटी। बचाव कार्य में देरी का आरोप लगाते हुए स्थानीय लोगों ने कई नावों में आग लगा दी और पुलिस पर पत्थरबाजी की। इस घटना में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए।
प्रशासन ने 12 लोगों के लापता होने का बात कही है। लेकिन, स्थानीय लोगों का कहना है कि शनिवार रात कालना के पास हुए हादसे में 50 से ज्यादा लोग डूबे हैं। उनका कहना है कि बचाव अभियान देर से शुरू हुआ, लेकिन अधिकारियों ने इससे इनकार किया है। एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा, "नौका में 100 से अधिक लोग सवार थे, जिनमें कई बच्चे भी थे। नौका रात में लगभग 11 बजे पलटी थी, लेकिन पुलिस सुबह घटनास्थल पर पहुंची। बचाव कार्य दोपहर बाद से शुरू हुआ। 50 से ज्यादा लोग डूबे हैं।"
स्थानीय प्रशासन द्वारा बचाव कार्य शुरू करने में देरी की वजह से नाराज लोगों ने शांतिपुर के नृसिंहपुर घाट पर कई नौकाओं में आग लगा दी। खोज एवं बचाव अभियान के लिए आए पुलिसकर्मियों पर पथराव किया गया, जिसमें दो सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और कम से कम 20 लोगों को हिरासत में लिया।
नदिया के जिलाधिकारी विजय भारती ने कहा, "अब तक हमें 12 लोगों के लापता होने की खबर मिली है। इनमें से पांच बर्दवान जिले के कालना के हैं और सात नदिया जिले के हैं। कुछ और लोगों के लापता होने के दावे किए जा रहे हैं। हम लोग उन दावों की जांच कर रहे हैं।"
भारती ने कहा कि एक महिला का शव निकाला गया है। लेकिन, इस बात की अभी पुष्टि नहीं हो सकी है कि महिला का संबंध इसी नाव हादसे से है। उन्होंने नाव पलटने का कारण उस पर बहुत अधिक लोगों का सवार होना बताया। भारती ने कहा, "बचाव कार्य में कोई देरी नहीं हुई है। कानून-व्यवस्था की समस्या दूसरे कारणों से खड़ी हुई है। प्रशासन ने शांति बहाल करने के लिए बहुत शीघ्रता से काम किया। दो पुलिसकर्मियों को चोट आई है।"