1.वन रैंक वन पेंशन यानी समान पद के लिए समान पेंशन मिलना चाहिए। यानी एक ही रैंक से रिटायर होने वाले सैन्यकर्मियों को एक जैसी पेंशन मिलनी चाहिए। अगर 1990 में ब्रिगेडियर के पद कोई रिटायर होता है तो उसे भी आज की तारीख में रिटायर होनेवाले ब्रिगेडियर के समान ही पेंशन मिलनी चाहिए।
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क्या है वन रैंक वन पेंशन और क्यों है विवाद, जानिए यहां
करीब 40 साल के संघर्ष के बाद लागू किए गए इस स्कीम में एक ही रैंक से रिटायर सैन्यकर्मियों को उनके रैंक और सेवा की समय-सीमा के आधार पर पेंशन देने का प्रावधान है न कि रिटायरमेंट की तारीख के आधार पर ।
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