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कर्नाटक में 5 गारंटियों के चक्कर में क्या दूसरी योजनाओं में कटौती करेगी कांग्रेस सरकार? समझें पूरा-हिसाब किताब

 Reported By: T Raghavan Edited By: Swayam Prakash
 Published : Jun 02, 2023 09:49 pm IST,  Updated : Jun 02, 2023 09:49 pm IST

कर्नाटक में सिद्धरमैया ने पांच गारंटियों को लागू तो कर दिया है लेकिन सवाल है कि आखिर इसके लिए सराकारी खजानें में धन कहां से आएगा। इन 5 गारंटी को जनता तक देने के लिए राज्य सरकार के ऊपर 60 हजार करोड़ा का बोझ पड़ने वाला है।

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कर्नाटक की सिद्धरमैया सरकार ने लागू की 5 गारंटी Image Source : PTI

कर्नाटक की सिद्धरमैया सरकार ने शुक्रवार को कांग्रेस की पांच गारंटियों को बिना किसी जाति या धर्म के आधार पर भेदभाव के इस वित्त वर्ष में लागू करने का फैसला किया है। लेकिन एक अनुमान के मुताबिक इन 5 गारंटियों को लागू करने में कर्नाटक सरकार के ऊपर तकरीबन 60,000 करोड़ का सालाना खर्चा पड़ेगा। ऐसे में राज्य सरकार पहले से जारी दूसरी योजनाओं को बरकरार रखते हुए इन पांच गारंटियों को कैसे पूरा करेगी। 

राजकोष पर आएगा 91 हजार करोड़ का भार 

सबसे पहले तो ये बता दें कि वर्तमान में कर्नाटक में जितनी भी वेलफेयर स्कीम चल रही हैं, उन्हें लागू करने में तकरीबन 31 हजार करोड़ रुपए सालाना खर्च हो रहे हैं। 5 नई गारंटियों को लागू करने के साथ ही अब राजकोष पर कुल मिलाकर 91 हजार करोड़ का भार आ जाएगा। 5 गारंटियों को पूरा करने के लिए सरकार के पास फिलहाल जारी जन कल्याण की योजनाओं में कटौती करने और अन्य उपायों के जरिए फंड लाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।

जनता से ही होगी टैक्स वसूली या कर्ज लेगी सरकार
कर्नाटक सरकार अतिरिक्त धन राशि जमा करने में आबकारी कर में भारी बढ़ोतरी करने के साथ-साथ प्रॉपर्टी टैक्स और स्टांप और रजिस्ट्रेशन शुल्क में भी बढ़ोतरी करने पर विचार कर रही है। बताया जा रहा है कि अलग-अलग तरीकों से फंड जनरेट करने के बाद भी कर्जा लेकर ही कांग्रेस सरकार इन 5 गारंटियों को पूरा कर पाएगी। इसके लिए फंड कहां से आएगा इसकी विस्तृत जानकारी अगले महीने ही मिलेगी, जब सीएम सिद्धारमैया वित्त मंत्री के तौर पर इस सरकार का पहला बजट पेश करेंगे।

5 गारंटियों का ये है पूरी हिसाब-किताब

  1. सरकारी सूत्रों के मुताबिक गृह लक्ष्मी गारंटी को लागू करने में सरकार पर सबसे ज्यादा 30,720 करोड़ का बोझ पड़ेगा। 
  2. फ्री बिजली वाली गृह ज्योति गारंटी को पूरा करने के लिए 12 से 14 हजार करोड़ का खर्चा आएगा। 
  3. अन्न भाग्य योजना को पूरा करने के लिए 16 हजार करोड़ का भार पड़ेगा। 
  4. महिलाओं को फ्री बस वाली शक्ति गारंटी को पूरा करने के लिए 4 हजार करोड़ की जरूरत होगी।
  5. युवा निधि गारंटी को पूरा करने के लिए सालाना तकरीबन 2000 करोड़ रुपए का खर्चा आएगा।

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