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तिरुपति मंदिर बोर्ड से भाजपा ने की मांग, कहा- 1 हजार गैर हिंदू कर्मचारियों को हटाया जाए

 Edited By: Avinash Rai @RaisahabUp61
 Published : Feb 06, 2025 06:06 pm IST,  Updated : Feb 06, 2025 06:06 pm IST

आंध्र प्रदेश भाजपा ने गुरुवार को तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम से एक मांग की है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि उन 1000 संदिग्ध कर्मचारियों को मंदिर बोर्ड की सेवा से हटाया जाए, जिनपर गैर हिंदू धर्म के अनुसरण का संदेह है। बता दें कि इससे पहले बोर्ड ने 18 गैर हिंदू कर्मचारियों पर कार्रवाई की थी।

BJP made a demand to Tirupati Temple Board said 1 thousand non-Hindu employees should be removed- India TV Hindi
तिरुपति बालाजी Image Source : FILE PHOTO

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की आंध्र प्रदेश इकाई ने बृहस्पतिवार को तिरुमाला को ‘हिंदुओं का आध्यात्मिक केंद्र’ करार देते हुए तिरुमाला तिरूपति देवस्थानम (टीटीडी) के लगभग उन 1,000 कर्मचारियों को मंदिर बोर्ड की सेवाओं से हटाने की मांग की, जिनके गैर-हिंदू धर्म के अनुसरण का संदेह है। भाजपा की प्रदेश इकाई के प्रवक्ता और टीटीडी के सदस्य भानु प्रकाश रेड्डी ने कहा कि बोर्ड के प्रतिनिधि जल्द ही मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू से मिलेंगे और अनुरोध करेंगे कि गैर-हिंदुओं की सेवाओं की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा, “टीटीडी में 6,500 से ज्यादा स्थायी कर्मचारी और 17,000 से ज्यादा अनुबंधित कर्मचारी हैं, जिससे कुल कर्मचारियों की संख्या लगभग 24,000 हो जाती है।"

भाजपा नेता ने की ये मांग

उन्होंने कहा, "मुझे जानकारी मिली है कि एक हजार से ज्यादा कर्मचारी गैर-हिंदू धर्म का अनुसरण करते हैं और यही वजह है कि हम इस मामले पर कड़ा रुख अपना रहे हैं। 14 फरवरी को हम मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू से मिलेंगे और अनुरोध करेंगे कि गैर-हिंदू कर्मचारियों को टीटीडी का हिस्सा न बनाया जाए।” रेड्डी ने 18 गैर-हिंदू कर्मचारियों के खिलाफ टीटीडी की अनुशासनात्मक कार्रवाई पर कहा कि माना जाता है कि उनमें से दो ‘वास्तव में’ हिंदू हैं इसलिए अधिकारियों से अनुरोध है कि वे उनके प्रमाण-पत्रों की फिर से जांच करें। रेड्डी ने दावा किया कि गैर-हिंदू कर्मचारियों को टीटीडी से वेतन मिलता है लेकिन वे श्री वेंकटेश्वर स्वामी का प्रसाद (पवित्र प्रसाद) स्वीकार नहीं करते। उन्होंने कहा कि टीटीडी अधिनियम के अनुसार मंदिर के अनुष्ठान केवल हिंदुओं द्वारा ही किए जा सकते हैं और सभी कर्मचारी हिंदू होने चाहिए। 

18 गैर हिंदू कर्मचारियों पर कार्रवाई के बाद की गई मांग

टीटीडी ने हाल ही में एक आधिकारिक ज्ञापन जारी कर 18 कर्मचारियों को गैर-हिंदू गतिविधियों में कथित रूप से शामिल होने के लिए अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत मंदिर निकाय की सभी धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में भाग लेने से रोक दिया। उधर, युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) प्रमुख जगन मोहन रेड्डी ने टीटीडी के 18 कर्मचारियों के खिलाफ गैर-हिंदू गतिविधियों में कथित रूप से शामिल होने के लिए अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के फैसले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। जगन ने कहा कि उन्हें इस मुद्दे की जानकारी नहीं है। जगन ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए एक सवाल के जवाब में कहा कि वह इस तरह के सवालों का तुरंत जवाब नहीं दे सकते। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “मुझे इन विषयों का विवरण नहीं पता। मुझे नहीं पता कि वे किस विभाग में काम करते थे या वे कहां कार्यरत हैं। मुझे नहीं पता कि ये संख्याएं कहां से आ रही हैं।” 

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