Farmer Protest LIVE Updates: पंजाब-हरियाणा शंभू बॉर्डर पर आज भी भारी तनाव है। पुलिस बैरिकेड के पास आ रहे आंदोलनकारी किसानों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। किसान हर हाल में दिल्ली जाना चाहते हैं तो हरियाणा पुलिस किसी भी सूरत में किसानों को राज्य में घुसने नहीं देना चाहती। वहीं, हरियाणा के अंबाला, कुरूक्षेत्र, कैथल, जिंद, हिसार, फतेहाबाद और सिरसा जिलों में वॉयस कॉल को छोड़कर मोबाइल नेटवर्क पर प्रदान की जाने वाली मोबाइल इंटरनेट सेवाएं, बल्क SMS और सभी डोंगल सेवाएं 15 फरवरी तक निलंबित रहेंगी।
किसान नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार के अधिकारियों ने भरोसा दिया है कि जो हालात शंभू बॉर्डर पर बने हैं, उसे सामान्य किया जाएगा। किसान नेताओं ने बताया कि चंडीगढ़ में गुरुवार को होने वाली मीटिंग में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, नित्यानंद राय और अर्जुन मुंडा मौजूद रहेंगे।
कल किसानों संगठन और सरकार की तीसरे दौर की बातचीत होगी। केंद्र के मंत्रियों के साथ होगी बैठक,कल शाम को 5 बजे चंडीगढ़ में बैठक होगी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा से किसान आंदोलन से जुड़ी जानकारी ली है और कुछ निर्देश भी दिए हैं। खबर है कि राजनाथ सिंह किसानों के मसले पर बातचीत कर रहे हैं। सूत्रों के हवाले से ये जानकारी सामने आई है।
सरकार और किसान नेताओं के बीच आज शाम 7 बजे बैठक होगी। ये बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी, जिसमें सरकार किसान नेताओं से बात करेगी। इस बैठक में 3 केंद्रीय मंत्री शामिल होंगे।
किसानों के विरोध प्रदर्शन के असर पर हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर ने कहा है कि कल पथराव में दो डीएसपी, लगभग 24 पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। कुछ किसान भी घायल हुए। मैं सभी से कानून-व्यवस्था का पालन करने की अपील करता हूं। मुख्य रूप से अंबाला-चंडीगढ़ मार्ग प्रभावित है।”
किसानों के 'दिल्ली चलो' विरोध पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में विरोध करना और आना और सुना जाना किसानों का लोकतांत्रिक अधिकार है। मुझे नहीं लगता कि चीन के साथ सीमा पर ऐसी किलेबंदी की गई है। जिस तरह से इस शहर की किलेबंदी की गई है। सरकार को पिछले किसान आंदोलन से सबक लेना चाहिए था और हितधारकों से परामर्श करना चाहिए।
एनसीपी (शरदचंद्र पवार) सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार इस देश के गरीबों और किसानों के प्रति पूरी तरह से असंवेदनशील हैं। इसलिए मुझे बिल्कुल भी आश्चर्य नहीं है। किसान बहुत सख्त, ईमानदार हैं , समर्पित और प्रतिबद्ध और यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जो सरकार लगातार अच्छे कार्यक्रमों की बात करती है वह पूरी तरह से किसान विरोधी है।
'दिल्ली में आपका स्वागत है' का बोर्ड हटाया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक इस बोर्ड को इसलिए हटाया जा रहा है कि अगर किसान दिल्ली में दाखिल हो जाते हैं तब दिल्ली पुलिस उन पर टियर गैस फायर करेगी तो गैस के शेल बोर्ड से टकराकर वापस नीचे पुलिस की तरफ गिर सकते हैं। इसी वजह से इस बोर्ड को हटाया जा रहा है।
किसानों के मार्च पर हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि एमएसपी पर रिपोर्ट 2004 में आई थी जब कांग्रेस सत्ता में थी। उन्होंने 10 साल में कुछ क्यों नहीं किया?... किसान दिल्ली जाकर अपनी बात रखना चाहते हैं। सरकार के प्रतिनिधियों से बातचीत लेकिन जब वे चंडीगढ़ आए तो किसान नेताओं ने उनसे बात करने से इनकार कर दिया। मुझे आश्चर्य है कि पंजाब सरकार ने एक नोटिस जारी कर कहा है कि हम अपनी सीमा पर ड्रोन न भेजें। जब किसानों ने आगे बढ़ना शुरू किया अमृतसर से उन्होंने उन्हें रोकने की कोशिश भी नहीं की। इसका मतलब साफ है कि वे चाहते हैं कि किसान दिल्ली में आतंक पैदा करें। पथराव हो रहा है और हमारे एक डीएसपी और 25 अन्य पुलिस अधिकारी इसमें घायल हो गए हैं।
पंजाब के सबसे बड़े किसान संगठन भारतीय किसान यूनियन उग्रहा ने ऐलान किया है कि पंजाब भर में कल 15 फरवरी को दोपहर 12:00 बजे से लेकर 4:00 बजे तक रेलवे ट्रैक जाम किए जाएंगे। शंभू बॉर्डर पर आंसू गैस छोड़े जाने से भारतीय किसान यूनियन उग्रहा नाराज है। दिल्ली जा रहे किसानों को रास्ते में रोकने उनके ऊपर आंसू गैस छोड़ने और लाठी चार्ज के विरोध में यह फैसला लिया गया है।
किसानों के 'दिल्ली चलो' मार्च के बीच झज्जर एसपी अर्पित जैन ने कहा कि हमारे जिले में अब तक शांति है। हालांकि, हमने एहतियात के तौर पर बैरिकेड्स लगाए हैं। लोग कानून एवं व्यवस्था का पालन करें, कानूनी कार्रवाई की जाएगी... पैदल चलने वालों को जगह दी गई है... मैं सभी से शांति और सद्भाव बनाए रखने का आग्रह करता हूं
किसानों के ‘दिल्ली चलो’ मार्च के मद्देनजर पुलिस ने सिंघू और टिकरी सीमाओं पर कई स्तर के अवरोधक लगाकर वाहनों की आवाजाही रोक दी, जिससे बुधवार को दिल्ली के सीमावर्ती इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ। हरियाणा से सटी सिंघु और टिकरी सीमाएं यातायात के लिए पूरी तरह से बंद कर दी गई हैं जबकि गाजीपुर बॉर्डर पर अभी भी विनियमित तरीके से वाहनों की आवाजाही की अनुमति है। किसानों के दिल्ली मार्च को रोकने के लिए सिंघु बॉर्डर के पास एक गांव में सड़क का एक हिस्सा खोद दिया गया। उत्तर प्रदेश से लगी अप्सरा और गाजीपुर सीमाएं यातायात के लिए खुली हैं लेकिन दोनों पर भारी सुरक्षा बल तैनात है। शाहदरा से नोएडा सेक्टर-62 की ओर यात्रा कर रहे अंकित सिंह ने कहा कि गाजीपुर बॉर्डर पर यातायात थोड़ा प्रभावित हुआ है। सिंह ने कहा, ‘‘मुझे लगा कि यातायात बंद हो सकता है और मैं अपने कार्यालय तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्ग लेने की योजना बना रहा था। हालांकि, गाजीपुर बॉर्डर पर वाहनों की आवाजाही मामूली रूप से प्रभावित हुई है। वहां भारी सुरक्षा तैनाती है।
किसान आंदोलन के बीच केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र ने बुधवार को कहा कि भाजपा हमेशा किसानों की पार्टी रही है और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव सुनिश्चित करने के लिए कई बड़े काम किये हैं। मंत्री ने कहा, ‘‘भाजपा हमेशा किसानों की पार्टी रही है और उनके लिए कई बड़े काम किए गए हैं। जहां अटल बिहारी वाजपेयी ने किसान क्रेडिट कार्ड शुरू किया, वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शपथ लेने के बाद किसान सम्मान निधि शुरू की।’’ उन्होंने कहा, ‘‘12 करोड़ से अधिक किसान परिवारों को किसान सम्मान निधि का लाभ मिला। हमारी सरकार ने मिट्टी की जांच का काम शुरू किया, उर्वरक और बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की।
प्रदर्शनरत किसानों के राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच करने के आह्वान के मद्देनजर बुधवार को भी यहां कड़ी सुरक्षा है और मध्य दिल्ली तथा हरियाणा के साथ लगती सीमाओं पर बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात कर अवरोधक लगाए गए हैं जिससे यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। एक अधिकारी ने बताया कि सिंघु (दिल्ली-सोनीपत) और टिकरी सीमा (दिल्ली-बहादुरगढ़) पर यातायात की आवाजाही रोक दी गयी है। दंगा रोधी साजो-सामान के साथ सुरक्षाकर्मी तैनात हैं और स्थिति पर नजर रखने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। सिंघु, टिकरी और गाजीपुर सीमा पर कई चरणों में अवरोधक, कंक्रीट के अवरोधक, लोहे की कीलें और कंटेनर लगाए गए हैं। एक अधिकारी ने बताया कि आवश्यकता पड़ने पर सीमाओं पर तथा मध्य दिल्ली में सुरक्षा और बढ़ायी जा सकती है। तीनों सीमाओं पर सुरक्षा के व्यापक बंदोबस्त होने के कारण यात्रियों को अपने गंतव्यों तक पहुंचने में फिर से दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
पंजाब के अधिकारियों ने शंभू सीमा पर उनके क्षेत्र में आंदोलनकारी किसानों पर आंसू गैस के गोले छोड़ने के लिए हरियाणा द्वारा ड्रोन के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई है। पंजाब के पटियाला के उपायुक्त शौकत अहमद पर्रे ने अंबाला के उपायुक्त को पत्र लिखकर कहा है कि वे अंबाला के पास शंभू सीमा पर पंजाब के क्षेत्र के अंदर अपने ड्रोन न भेजें। हरियाणा पुलिस ने मंगलवार को उन किसानों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने के वास्ते एक ड्रोन तैनात किया था, जो विभिन्न मांगों के लिए केंद्र पर दबाव बनाने के वास्ते दिल्ली की ओर मार्च करने की कोशिश में बैरिकेड तोड़ने का प्रयास कर रहे थे। किसानों ने दावा किया कि जब वे पंजाब क्षेत्र के अंदर खड़े थे तो ड्रोन ने उन पर आंसू गैस के कई गोले गिराए।
केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा है कि किसान संगठनों को ये समझना होगा कि जिस कानून की बात की जा रही है। उस कानून के बारे में इस तरीके से कोई निर्णय नहीं लिया जा सकता जिससे बाद के दिनों में सबके लिए बगैर सोची समझी स्थिति के बार में लोग आलोचना करें। हमें ये कोशिश करनी चाहिए हम इसके सभी पक्षों का ध्यान रखें। किसानों को इस बात का भी ध्यान रखना पड़ेगा कि आम जनजीवन को बाधित ना करें, आम जनजीवन किसी तरह से परेशान ना हो।
पंजाब-हरियाणा शंभू बॉर्डर पर आज भी भारी तनाव है। किसानों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने दूसरे दिन भी आंसू गैस के गोले छोड़े। शंभू बॉर्डर पर किसान के ट्रैक्टरों की लाइन सात किमी तक है।
हरियाणा सरकार ने अंबाला, कुरूक्षेत्र, कैथल, जींद, हिसार, फतेहाबाद और सिरसा जिलों के अधिकार क्षेत्र में वॉयस कॉल को छोड़कर मोबाइल नेटवर्क पर प्रदान की जाने वाली मोबाइल इंटरनेट सेवाएं, बल्क एसएमएस और सभी डोंगल सेवाएं आदि 15 फरवरी तक निलंबित कर दी हैं।
किसानों के प्रदर्शन के बीच हिंसक झड़प में अब तक DSP समेत हरियाणा पुलिस के 24 जवान घायल हो गए हैं। बता दें कि पंजाब-हरियाणा बॉर्डर पर पुलिस और किसानों की झड़प हो गई थी। किसानों ने पथराव किया था तो पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े थे।
किसानों के विरोध को देखते हुए दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर आरएएफ के जवान, पुलिस के जवान और दंगा नियंत्रण वाहन तैनात कर दिए गए हैं। आज किसान दिल्ली की तरफ कूच करने वाले हैं।
बहादुरगढ़ में सुबह-सुबह सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी है। डीएसपी अनिल कुमार का कहना है कि फिलहाल माहौल शांतिपूर्ण है। ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया गया है। पैदल यात्रियों की आवाजाही सामान्य है। बता दें कि किसानों ने राष्ट्रीय राजधानी की ओर मार्च जारी रखने की घोषणा की है।
किसानों के विरोध प्रदर्शन के दूसरे दिन हरियाणा के अंबाला में शंभू सीमा पर सुरक्षा जांच चल रही है। शंभू बॉर्डर पर पुलिस का कड़ा पहरा है।
पंजाब किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के महासचिव सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि मीडिया में ऐसी खबरें हैं कि एमएसपी की गारंटी वाला कानून इतनी जल्दी नहीं बन सकता। हम सिर्फ इतना कह रहे हैं कि हमें उस पर कानूनी गारंटी दी जाए। ताकि हम उस एमएसपी से नीचे फसल न बेचें। इसलिए समिति का कोई सवाल ही नहीं है... हम चाहेंगे कि पीएम आगे बढ़ें और किसानों से बात करें।
किसानों के विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर टिकरी बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था को कड़ी कर दी गई है। किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने कटीले तार, कैंटेनर समेत कई अन्य व्यवस्थाएं की हैं।
किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने रात कई जगहों पर वाहनों की चेकिंग की। राजिंदर नगर में पुलिस ने चेक करके ही आगे वाहनों को जाने दिया।
हरियाणा-पंजाब शंभू सीमा पर प्रदर्शनकारी किसानों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने रात में भी आंसू गैस का इस्तेमाल किया। किसानों ने राष्ट्रीय राजधानी की ओर मार्च जारी रखने की घोषणा की है। किसानों का कहना है कि वे किसी भी हालत में दिल्ली जाकर रहेंगे।
दिल्लीः सुबह-सुबह गाज़ीपुर बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था की ताजा तस्वीर। दरअसल किसानों ने राष्ट्रीय राजधानी की ओर मार्च जारी रखने की घोषणा की है। किसानों को रोकने के लिए बैरिकेड्स के अलावा कटीले तार और नुकीली कीलें भी रोड पर बिछाई गई है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की ओर किसानों के मार्च के दूसरे दिन सीमा को मजबूत बनाने के लिए टिकरी बॉर्डर पर कंक्रीट स्लैब के बीच अधिक कंक्रीट डाला जा रहा है।
दिल्ली से 200 किमी दूर पंजाब-हरियाणा शंभू बॉर्डर पर रात से ही डटे हुए हैं। आज एक बार फिर से किसान हरियाणा में एंट्री करने की कोशिश करेंगे। इस बीच हरियाणा पुलिस ने कहा कि वह किसी भी प्रदर्शनकारियों को राज्य में घुसने नहीं देगी।
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