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लिव-इन पार्टनर लौट गई पति के पास, फिर शख्स ने कोर्ट से कहा- वह परेशान है, कुछ कीजिए, अदालत ने कही ये बात

 Edited By: Vinay Trivedi
 Published : May 21, 2026 02:58 pm IST,  Updated : May 21, 2026 03:05 pm IST

उस शख्स की याचिका को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया, जिसने शादीशुदा महिला को उसके पति से रिहा करने की डिमांड की थी। सुनवाई के दौरान, यह भी पता चला कि यह शख्स पहले उस महिला के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह चुका था।

Himachal Pradesh High Court- India TV Hindi
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने याचिका को रिजेक्ट किया। Image Source : PEXELS (प्रतीकात्मक फोटो)

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में एक Habeas Corpus याचिका खारिज कर दी, जिसमें शख्स ने एक शादीशुदा महिला को रिलीज करने की डिमांड की थी। सुनवाई के दौरान, यह भी बात पता चली कि याचिका दायर करने वाला यह शख्स, कथित तौर पर महिला के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह चुका था।

वैवाहिक विवादों में दखल नहीं दे सकता कोर्ट

बार एंड बेंच में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, मुख्य न्यायाधीश जीएस संधावालिया और न्यायमूर्ति बिपिन चंद्र नेगी की बेंच ने 14 मई को दिए गए ऑर्डर में कहा कि यह याचिका सुनवाई योग्य ही नहीं है, क्योंकि वह शादीशुदा महिला, पति और बच्चे के साथ रह रही है। हाईकोर्ट ने कहा कि वह इस याचिका के माध्यम से पति-पत्नी के वैवाहिक विवादों में दखल नहीं दे सकती है।

याचिका को क्यों नहीं माना सुनवाई के योग्य?

हाईकोर्ट ने कहा, 'यह याचिका वर्तमान स्वरूप में सुनवाई के योग्य नहीं है, क्योंकि कथित रूप से बंदी महिला अपने पति के साथ रह रही है। ऐसे में इस कोर्ट के लिए यह उचित नहीं है कि वह महिला और उसके पति के बीच वैवाहिक मुद्दों में हस्तक्षेप करे।'

Adulterous जैसे रिश्ते को नहीं दे सकते न्यायिक मान्यता

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने यह भी कहा, 'याचिकाकर्ता और महिला के बीच जो कथित रिलेशन है, वह Adulterous प्रतीत होता है और ऐसे रिश्ते को न्यायिक मान्यता नहीं दे सकते।'

इस आधार पर दायर की थी याचिका

दरअसल, याचिकाकर्ता ने कोर्ट में खुद को महिला का करीबी दोस्त बताया था। उसने आरोप लगाया कि उसके पास महिला के भेजे हुए मैसेज हैं, जिसमें उसने बताया कि वह अपने पति और सास से डरी हुई है। शख्स ने इन्हीं आरोपों के आधार पर हिमाचल हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दावा किया था कि महिला को उसके पति और सास ने अवैध तरीके से बंधक बनाकर रखा हुआ है।

लिव-इन रिलेशनशिप का एग्रीमेंट भी किया पेश

हालांकि, कोर्ट में सुनवाई के दौरान जब बेंच ने याचिकाकर्ता से पूछा कि क्या उसका महिला के साथ कोई शारीरिक संबंध था। तो उसने बताया कि वे दोनों कथित रूप से लिव-इन रिलेशनशिप में थे। इस मामले में 17 दिसंबर, 2025 का एक कथित एग्रीमेंट भी पेश किया गया।

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