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हिमाचल प्रदेश के इतिहास में पहली बार बजट में कटौती, सीएम सुक्खू और विधायकों की सैलरी भी कम होगी

 Edited By: Shakti Singh
 Published : Mar 21, 2026 06:04 pm IST,  Updated : Mar 21, 2026 06:13 pm IST

सीएम सुक्खू ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को राजस्व घाटा अनुदान नहीं देने फैसला किया है। इस वजह से राज्य को हर साल 8000 करोड़ रुपये का नुकसान होगा।

Sukhu- India TV Hindi
सुखविंदर सिंह सुक्खू Image Source : PTI

हिमाचल प्रदेश के इतिहास में पहली बार बजट में कटौती की गई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 54,928 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। उन्होंने कहा कि राज्य को मिलने वाले राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) को बंद करने से सालाना 8,000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान होगा। इस बात पर बीजेपी विधायकों ने हंगामा भी किया। हिमाचल में अब सीएम सुक्खू समेत सभी विधायकों के वेतन में अगले छह महीने तक कटौती होगी। सुक्खू के वेतन में 50 फीसदी और अन्य विधायकों के वेतन में 30 फीसदी की कटौती होगी। कटा हुआ वेतन बाद में मिल सकता है।

राज्य में यह पहली बार है जब बजट के आकार में कटौती की गई है। चालू वित्त वर्ष के 58,514 करोड़ रुपये के मुकाबले इसे घटाकर 54,928 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो 3,586 करोड़ रुपये की कमी है। 

सुक्खू के बजट भाषण के दौरान जमकर हंगामा

राजस्व घाटा अनुदान मार्च की शुरुआत में बंद कर दिया गया था। यह राज्य के राजस्व और खर्चों के बीच के अंतर को पाटने के लिए केंद्र द्वारा दी जाने वाली एक वित्तीय सहायता है। सुक्खू के बजट भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे राजस्व घाटा अनुदान बंद होने के मुद्दे पर राज्य का साथ नहीं दे रहे हैं, जिससे राज्य के बजट पर असर पड़ा है और सालाना 8,105 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा, "इतिहास उन्हें कभी माफ नहीं करेगा।" इस पर भाजपा सदस्यों ने तत्काल तीखी प्रतिक्रिया दी। विपक्षी भाजपा सदस्यों ने जमकर नारेबाजी की और व्यवधान डाला। इस दौरान जमकर हंगामा हुआ। 

हिमाचल की तुलना उत्तराखंड-असम से करना गलत-सुक्खू

अपना चौथा बजट पेश कर रहे सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की तुलना उत्तराखंड और असम से करना गलत है, क्योंकि हिमाचल जल और वन जैसे सीमित संसाधनों वाला एक पहाड़ी राज्य है। उन्होंने कहा, "हिमाचल उत्तर भारत का फेफड़ा है और इसे 'हरित बोनस' मिलना चाहिए, लेकिन इसके बजाय राज्य का राजस्व घाटा अनुदान बंद कर दिया गया है।" उन्होंने कहा कि दुनिया भर के संघर्षों का असर अब राज्य पर भी पड़ने लगा है और अमेरिका-इजरायल तथा ईरान के बीच जारी युद्ध के कारण एलपीजी की कीमतें बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष के लिए राज्य में 8.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज होने की उम्मीद है, जबकि प्रति व्यक्ति आय 9.8 प्रतिशत बढ़कर 2,83,626 रुपये हो गई है। 

गाय का दूध 61 रुपये लीटर

मुख्यमंत्री सुक्खू ने कांगड़ा में एक एयरोसिटी विकसित करने की योजना और जिले में हवाई अड्डा बनाने के लिए भूमि अधिग्रहण हेतु 3,300 करोड़ रुपये के प्रावधान की भी घोषणा की। राज्य ने दूध खरीद मूल्य में भी 10 रुपये की बढ़ोतरी की है, जिसके तहत अब गाय का दूध 61 रुपये प्रति लीटर और भैंस का दूध 71 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीदा जाएगा। सुक्खू ने मछलियों के लिए 100 रुपये प्रति किलोग्राम का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) घोषित किया, जिससे राज्य के 6,000 से अधिक मछुआरों को लाभ होगा। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में एक किसान आयोग और महिला पर्यटन कोष का गठन किया जाएगा।

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