ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन ने पाकिस्तान की मदद की थी और चीन ने ये स्वीकार भी किया है। इसके बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने अपना बयान जारी किया है, मंत्रालय ने कहा हमें ये रिपोर्टें मिलीं जो पहले से ज्ञात बातों की पुष्टि करती हैं।विदेश मंत्रालय ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को चीन के समर्थन से संबंधित रिपोर्टों पर टिप्पणी की। मंत्रालय ने कहा, हमने इन रिपोर्टों को देखा है, और यह उन्हीं तथ्यों की पुष्टि करती हैं जिनके बारे में हमें पहले से ही पता था। विदेश मंत्रालय ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की मदद करने वाले चीन पर कहा, "यह देशों को आत्मचिंतन करने के लिए प्रेरित करता है कि आतंकी ढांचे की रक्षा के प्रयासों का समर्थन करना उनकी प्रतिष्ठा को प्रभावित करता है या नहीं।"
विदेश मंत्रालय का बड़ा बयान
मंत्रालय ने कहा, ऑपरेशन सिंदूर पहलगाम में हुए आतंकी हमले का एक सटीक, लक्षित और नपा-तुला जवाब था। इसका उद्देश्य उस आतंकवादी ढांचे को नष्ट करना था, जो न केवल पाकिस्तानी राज्य द्वारा प्रायोजित है, बल्कि पाकिस्तान से और उसके इशारे पर चलता है। अब यह उन राष्ट्रों पर निर्भर है जो स्वयं को ज़िम्मेदार मानते हैं कि वे इस बात पर आत्मचिंतन करें कि क्या आतंकवादी ढांचे को बचाने के प्रयासों का समर्थन करना उनकी प्रतिष्ठा और वैश्विक साख को प्रभावित करता है। बता दें कि भारतीय सेना के डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल राहुल सिंह ने जुलाई 2025 में दावा किया था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन ने पाकिस्तान को महत्वपूर्ण सहायता दी थी।
चीन ने पहली बार माना, हमने पाकिस्तान की मदद की
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक चीनी सरकारी मीडिया CCTV पर प्रसारित इंटरव्यू में चेंगदू एयरक्राफ्ट डिजाइन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट के इंजीनियर झांग हेंग ने बताया कि, उनकी टीम ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान में तकनीकी सहायता दे रही थी। उन्होंने बताया था कि उनका काम लड़ाकू विमानों और उनसे जुड़े सिस्टम को पूरी तरह युद्ध के लिए तैयार रखना था। रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान एयरफोर्स चीन में बने J-10CE लड़ाकू विमान इस्तेमाल करती है। ये विमान AVIC की सहायक कंपनी बनाती है।