मुंबई में जल संकट का खतरा मंडरा रहा है, इसे देखते हुए हुए बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) ने 15 मई से 10% पानी कटौती लागू करने का फैसला लिया है। BMC ने एक प्रेस रिलीज़ में बताया कि उसने 15 मई से पूरे मुंबई में 10 प्रतिशत पानी की कटौती का ऐलान किया है। BMC के मुताबिक, म्युनिसिपल संस्था ने सोमवार को पानी के सोच-समझकर इस्तेमाल के लिए एक एडवाइज़री जारी की, जिसमें कहा गया है कि पानी सप्लाई करने वाली झीलों में पानी का स्तर काफी कम है।
बता दें कि BMC ने यह एहतियाती कदम इसलिए उठाया है क्योंकि बढ़ती गर्मी के कारण शहर की 7 झीलों में पानी का भंडार तेजी से नीचे जा रहा है।
IMD ने जताई कमजोर मानसून की आशंका
अधिकारियों ने मुंबई के नागरिकों से अपील की कि वे घबराएं नहीं और पानी का समझदारी से इस्तेमाल करें। BMC ने कहा, "यह फैसला महाराष्ट्र सरकार के जल संसाधन विभाग के निर्देशों के मुताबिक और भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के उस अनुमान को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जिसमें अगले साल मानसून के कमजोर रहने की संभावना जताई गई है। इसकी वजह संभावित अल नीनो और IOD (इंडियन ओशन डाइपोल) घटनाएं हैं।
'पानी का कम से कम इस्तेमाल करें'
इसमें आगे कहा गया है, ''मुंबई के नागरिकों के लिए घबराने की बिल्कुल भी कोई वजह नहीं है। हालांकि, BMC प्रशासन की ओर से सभी नागरिकों से विनम्र अपील की जा रही है कि वे पानी का समझदारी से और कम से कम इस्तेमाल करें।"

BMC ने बताया, पानी की बर्बादी को कैसे रोके?
बीएमसी ने कहा कि सभी घरों और हाउसिंग सोसाइटियों में पानी की पाइप लाइन और जल चैनलों की जांच की जानी चाहिए। अगर कहीं रिसाव पाया जाता है, तो उसे तुरंत ठीक कराया जाना चाहिए। इससे न केवल पानी की बचत होगी, बल्कि पानी के दूषित होने से भी बचाव होगा। इसके अलावा लोगों को पानी बचाने की आदत अपनानी चाहिए जैसे-
- नहाने के लिए बाल्टी का उपयोग करना।
- ब्रश करते समय नल को लगातार खुला न छोड़ना।
- घर के कामों के लिए पानी को बर्तनों में इकट्ठा करके इस्तेमाल करना।
- वाहनों को गीले कपड़े से साफ करना।
- ऐसे नोजल का उपयोग करना जो नल के पानी के बहाव को नियंत्रित करते हों।
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