भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (ISRO) के लिए बुधवार का दिन ऐतिहासिक रहा। ISRO ने आज लॉन्च की सेंचुरी लगा दी। आज सुबह ठीक 6 बजकर 23 मिनट पर इसरो श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से अपना 100वां मिशन लॉन्च किया। इस ऐतिहासिक मिशन के तहत GSLV-F15 रॉकेट को लॉन्च किया गया, जिसने नेविगेशन सेटेलाइट NVS-02 उपग्रह को सफलतापूर्वक जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट में स्थापित किया।
आज से तकरीबन 4 दशक पहले इसरो के वैज्ञानिकों ने वो दौर भी देखा जब रॉकेट के हिस्सों को बैलगाड़ी और साइकिल के पीछे बांधकर मिशन लॉन्च के लिए ले जाया जाता था, लेकिन आज इसरो ने अंतरिक्ष की दुनिया में खुद को स्थापित कर दिया है।
क्या है NVS-02 मिशन?
क्या है इसकी खासियत?
एनएवीआईसी प्रणाली दो प्रकार की सेवाएं प्रदान करेगी-
46 वर्षों में 100वें मिशन का सफर
इस मिशन की सफलता इसरो के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। 10 अगस्त 1979 को श्रीहरिकोटा से पहले सेटेलाइट लॉन्च व्हीकल (एसएलवी) मिशन के बाद 46 वर्षों में इसरो 100 मिशनों का एक बड़ा सफर तय किया है। जीएसएलवी-एफ15 और एनवीएस-02 उपग्रह के साथ भारत की नेविगेशन प्रणाली को और मजबूत बनाया जाएगा।
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