DRDO ने सोमवार को पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट का पहला उड़ान परीक्षण किया जो कि सफल रहा है। इस परीक्षण को इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज, चांदीपुर में संपन्न किया गया है।
कंबोडिया-थाईलैंड में संघर्ष के दौरान चीनी रॉकेट लांचर के फुस्स होने का सबसे सनसनीखेज वीडियो सामने आया है। इस घटना में थाईलैंड पर रॉकेट लांच कर रहे 8 कंबोडियाई सैनिकों की मौत हो गई है।
ऑस्ट्रेलिया की धरती से लांच किया गया पहला स्वदेशी रॉकेट लांच होने के 14 सेकेंड में ही क्रैश हो गया। यह अपनी निर्धारित कक्षा तक नहीं पहुंच सका।
रूस ने अंतरराष्ट्रीय स्टेशन के लिए अपना विशालकाय 2.1 ए सोयुज रॉकेट प्रक्षेपित किया है। यह आगामी 50 घंटे में आईएसएस पहुंच जाएगा।
यूपी के कुशीनगर जिले में इसरो ने एक रॉकेट लॉन्च टेस्ट किया। यह टेस्ट सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया। इसमें 1.1 किलोमीटर की ऊंचाई तक रॉकेट गया। खास बात यह रही कि इस रॉकेट के साथ पेलोड को भी भेजा गया था।
पिनाका रॉकेट लॉन्चर सिस्टम भारतीय सेना का एक अहम हथियार है। अब DRDO के प्रमुख डॉ. समीर वी. कामत ने खुलासा किया है कि DRDO पिनाका के और भी कई घातक वर्जन पर काम शुरू करने जा रहा है।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर है। ऐसे में पाकिस्तान को जवाब देने के लिए भारत की सेनाएं हर स्थिति के लिए तैयार हैं।
झुंझुनू के पिलानी क्षेत्र में एक 3 फीट लंबा रहस्यमयी रॉकेट मिला है। यह रॉकेट खेड़ला गांव के पास एक खेत में गिरा मिला। रॉकेट के गिरने की खबर के बाद जिले में हलचल मच गई।
मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में सुरक्षाबलों ने 6 रॉकेट, लॉन्चर और अन्य सामग्री जब्त की है। इसके अलावा पुलिस ने KCP-PWG के 2 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है, जो जबरन वसूली में शामिल थे।
इसरो आज सुबह अपने 100वें मिशन को लॉन्च कर दिया है। इसरो ने मिशन NVS-02 नेविगेशन सैटेलाइट का प्रक्षेपण किया, जो जीएसएलवी-एफ15 रॉकेट के जरिए श्रीहरिकोटा, आंध्र प्रदेश से भेजा गया।
पिनाका रॉकेट सिस्टम के जरिए एक साथ कई ठिकानों पर हमला किया जा सकता है। DRDO ने इसकी रेंज में भी लगातार सुधार किया है, जो 45 किलोमीटर के पार जा चुकी है।
अमेरिका और ब्रिटेन की ओर से युद्ध में संयम बरतने का आह्वान किए जाने के बाद भी इजरायली फाइटर जेटों ने रात भर लेबनान में बमों की बारिश की। इससे हिजबुल्लाह के 1000 से ज्यादा रॉकेट बैरल लांचर ध्वस्त हो गए। इजरायल ने हिजबुल्लाह के खात्मे की कसम खा ली है।
गांव के लोगों ने खुद का रॉकेट लॉन्च कर सबको चौंका दिया। मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसे देख आप भी हैरान रह जाएंगे।
चीन की निजी एयरोस्पेस कंपनी लैंडस्पेस ने बुधवार सुबह गोबी रेगिस्तान में स्थित जिउक्वान सैटेलाइट लॉन्च सेंटर से जुके-2 नाम के रॉकेट को सफलतापूर्वक लॉन्च किया।
अमेरिका के एलन मस्क की कंपनी स्पेस एक्स द्वारा तैयार किया गया दुनिया का सबसे ताकतवर राकेट बुधवार को लांच तो किया गया, लेकिन आसमान में करीब 34 किलोमीटर तक की उड़ान भरने के बाद इसमें भीषण विस्फोट हो गया। जिससे वह कई टुकड़ों में चूर-चूर होकर बिखर गया। हालांकि एलन मस्क ने इसके उड़ान भरने को ही एक बड़ी कामयाबी करार दिया है।
पवन चांदना ने कहा,'अब जब हम पहले निजी रॉकेट विक्रम-एस का प्रक्षेपण कर चुके हैं, हमारी अगली योजना विक्रम-1 का प्रक्षेपण करने की है, जो उपग्रहों को कक्षा में स्थापित करने वाला एक बहुत बड़ा रॉकेट है।
GSLV Mk-3 Rocket: आम तौर पर जीएसएलवी रॉकेट का इस्तेमाल भारत के भूस्थिर संचार उपग्रहों को लॉन्च करने के लिए किया जाता है और इसलिए इसे जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (GSLV) नाम दिया गया।
Rocket Launch: तीन सितंबर को फ्लॉरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से स्पेस लॉन्च सिस्टम रॉकेट के उड़ान भरने के ठीक 40 मिनट पहले, एक ईंधन लाइन के लीक होने के कारण इंजीनियरों को आर्टेमिस आई मून मिशन लॉन्च टालना पड़ा।
Indo-Pak-China Border: पाकिस्तान और चीन से लगे सीमावर्ती और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में दुश्मनों के विनाश के लिए भारत ने स्वदेशी हथियार तैयार किया है। जो कि मिनटों में नहीं, बल्कि सेकेंडों में ही दुश्मन के सभी ठिकानों को आदेश मिलते ही तबाह कर देगा।
ISRO News: इसरो अध्यक्ष एस.सोमनाथ ने बताया कि, सभी चरणों ने उम्मीद के अनुरूप प्रदर्शन किया। पहले, दूसरे और तीसरे चरण ने अपना-अपना काम किया, पर टर्मिनल चरण में कुछ डेटा लॉस हुआ और हम आंकड़ों का विश्लेषण कर रहे हैं।
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