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यूक्रेन से युद्ध के बीच रूस ने प्रक्षेपित किया विशालकाय 2.1A सोयुज रॉकेट, 50 घंटे में तय करेगा ISS का सफर

 Published : Jul 04, 2025 11:54 am IST,  Updated : Jul 04, 2025 11:54 am IST

रूस ने अंतरराष्ट्रीय स्टेशन के लिए अपना विशालकाय 2.1 ए सोयुज रॉकेट प्रक्षेपित किया है। यह आगामी 50 घंटे में आईएसएस पहुंच जाएगा।

रूस का सोयूज रॉकेट। - India TV Hindi
रूस का सोयूज रॉकेट। Image Source : X@RT_COM

बायकोनूर कोस्मोड्रोम, कज़ाकिस्तान: रूस ने यूक्रेन से चल रही जंग के बीच अपने सोयुज़ 2.1ए रॉकेट का सफल प्रक्षेपण किया है। यह रॉकेट अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) को पुनः आपूर्ति पहुंचाने के मिशन पर सफलतापूर्वक प्रक्षेपित हुआ। जोकि अपने साथ 2.6 टन कार्गो ले जा रहा है। इसमें भोजन, ईंधन, वैज्ञानिक उपकरण और आवश्यक पुर्ज़े शामिल हैं।

मानवरहित रॉकेट 

यह मानव-रहित मिशन बायकोनूर कोस्मोड्रोम से लॉन्च किया गया। जोकि लगभग 50 घंटे में आईएसएस तक पहुंचेगा। यह रॉकेट एक मानक कक्षीय समायोजन पथ का अनुसरण कर रहा है। स्टेशन पर पहुंचने के बाद, स्वचालित डॉकिंग प्रणाली सक्रिय होकर आवश्यक वस्तुएं वहां मौजूद क्रू तक पहुंचाएगी।

अंतरिक्ष में रूस की अंतरराष्ट्रीय साझेदारी बरकरार

भले ही धरती पर अंतरिक्ष राजनीति तनावपूर्ण बनी हुई है। मगर यह मिशन रूस के अंतरिक्ष सहयोग को बनाए रखने और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी का समर्थन करने की प्रतिबद्धता का हिस्सा है। इस कार्गो में चिकित्सा और जैविक अनुसंधान से संबंधित प्रयोग, जीवन-समर्थन प्रणालियों के लिए प्रतिस्थापन पुर्ज़े और क्रू के लिए व्यक्तिगत पैकेट भेजे गए हैं। रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोस्मोस ने मजाकिया अंदाज़ में ट्वीट किया, “कैटी पेरी ऑनबोर्ड नहीं हैं… सिर्फ़ कार्गो है,” जो अंतरिक्ष में हस्तियों से जुड़ी पूर्व की अफवाहों और वायरल खबरों की ओर संकेत करता है।

क्या है सोयुज़ 2.1ए रॉकेट?

सोयुज़ 2.1ए रॉकेट रोस्कोस्मोस का एक भरोसेमंद "वर्कहॉर्स" रहा है, जो अपनी स्थिरता और सुरक्षा के लिए जाना जाता है। इस रॉकेट की लांचिंग रूस की उस भूमिका को फिर से रेखांकित करता है जिसे मॉस्को ने आईएसएस को लॉजिस्टिक सहायता देने वाले प्रमुख देश के रूप में निभाई है, खासकर तब, जब निजी कंपनियां जैसे स्पेसएक्स, नॉर्थरोप ग्रुम्मन आदि इस क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा कर रही हैं।

शनिवार को डॉकिंग की उम्मीद

वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि शनिवार सुबह इस रॉकेट की डॉकिंग हो जाएगी। इसके बाद सामग्री का अनलोडिंग कार्य शुरू होगा। बताया गया है कि आईएसएस पर मौजूद क्रू इस आगमन को लेकर धरती से भेजी गई कुछ खास सरप्राइज़ चीज़ों और वैज्ञानिक उपकरणों के लिए “उत्साहित” हैं।

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